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Jaipur News: नूरानी मस्जिद ढहाए जाने पर जन आंदोलन की चेतावनी, मंदिरों को लेकर हिंदू पक्ष शांत

Noorani Masjid Demolition: राजधानी जयपुर में नूरानी मस्जिद ढहाए जाने को लेकर मुस्लिम पक्ष ने जन आंदोलन की चेतावनी दी है। मस्जिद कमेटी ने कहा कि आगामी जुम्मे पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की जाएगी। दूसरी तरफ हिंदू धार्मिक स्थलों के ढहाए जाने पर मामला पूरी तरह शांत है, किसी ने अभी तक विरोध नहीं जताया है।

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जयपुर

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Kamal Mishra

Jun 09, 2026

Noorani Masjid Jaipur

नूरानी मस्जिद गिराए जाने को लेकर प्रेस वार्ता (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजधानी जयपुर के नंदपुरी अंडरपास स्थित नूरानी मस्जिद को जेडीए द्वारा ढहाए जाने का मस्जिद कमेटी ने विरोध जताया है। राजस्थान मुस्लिम फोरम ने दावा किया कि मस्जिद से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, इसके बावजूद मस्जिद को ढहा दिया गया। फोरम ने कहा कि हमें अपना पक्ष रखने का समय नहीं दिया गया, जबकि वक्फ ट्रिब्यूनल में नूरानी मस्जिद मामले को लेकर 10 जून को सुनवाई होनी थी।

विधायक रफीक खान ने कहा की कार्रवाई जानबूझकर की गई प्रतीत होती है। मस्जिद सदर ने कहा कि जंगलराज नहीं होने देंगे, प्रदेश में न्याय के लिए जन आंदोलन करेंगे। आगामी जुम्मे पर काली पट्टी बांधकर सभी मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे।

मास्टर प्लान के तहत 5 धार्मिक स्थल ढहाए गए

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने राजधानी जयपुर के मालवीय नगर से जगतपुरा रोड पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। करीब 15 दिन पहले ही जेडीए ने 80 फीट पर 120 से अधिक अतिक्रमण हटा दिए थे। इस रोड के चौड़ीकरण में 5 धार्मिक स्थल बाधा बन रहे थे। जेडीए ने सभी अतिक्रमणों से जुड़े लोगों को कई बार नोटिस दे चुका था, जिसके बाद 8 जून को बुलडोजर चलाकर सभी 5 धार्मिक स्थलों को ढहा दिया गया।

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2 मंदिर और एक सत्संग हाल भी ढहा

इन धार्मिक स्थलों में 2 मंदिर, एक सत्संग हाल, नूरानी मस्जिद और एक मजार शामिल थे। जेडीए ने इन धार्मिक स्थलों को गिराने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की थी, जिसमें करीब 18 घंटे तक जयपुर पूर्व और उत्तर के सभी 34 थाना क्षेत्रों में इंटनेट पर पाबंदी लगा दी गई। वहीं करीब 3000 पुलिस फोर्स की तैनाती में इन अतिक्रमणों को गिराया गया।

5 मंजिला बन चुकी थी नूरानी मस्जिद

जेडीए के मुताबिक, साल 1998 बने मास्टर प्लान में इस सड़क को 80 फीट तय किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए 80 फीट रोड के आसपास किसी भी तरह के पट्टे जारी नहीं किए गए। दूसरी तरफ मस्जिद कमेटी का दावा है, कि यह मस्जिद करीब 42 साल पुरानी थी, जिसका क्रमिक ढंग से विकास हुआ। मौजूदा समय में नूरानी मस्जिद 5 मंजिला इमारत का रूप ले चुकी थी।

नियमों को ध्यान में रखकर की गई कार्रवाई- जेडीए

जयपुर विकास प्राधिकरण के मुताबिक, 80 फीट रोड नूरानी मस्जिद के पास सिकुड़कर 25 फीट की हो गई थी, मस्जिद के पास अंधा मोड़ था, जिससे आए दिन एक्सीडेंट हो रहे थे। मास्टर प्लान के मुताबिक, सड़क का चौड़ीकरण होना तय था, नियमों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की गई है।

मस्जिद कमेटी ने की प्रेस वार्ता

दूसरी तरफ मस्जिद कमेटी के लोगों का कहना है कि मस्जिद को अतिक्रमण बताने का प्रचार भ्रामक और तथ्यों के विपरीत है। मस्जिद के लिए जमीन खरीद के कागजात, लैंड यूज परिवर्तन, वक्फ रिकॉर्ड और पट्टे मस्जिद कमेटी के पास मौजूद हैं। मंगलवार को नंदपुरी अंडरपास के पास स्थित नूरानी मस्जिद को हटाने के मामले में मुस्लिम समाज के सभी संगठनों ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान सरकार के रवैये पर सवाल उठाए गए।

10 जून को वक्फ ट्रिब्यूनल में होनी थी सुनवाई

प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकरियों ने लोगों से कहा कि आप लोगों से बताएं कि मस्जिद अतिक्रमण नहीं थी, इससे जुड़े कागज मस्जिद कमेटी के पास मौजूद हैं। कमेटी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वक्फ ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेशों का जेडीए ने इंतजार नहीं किया। नूरानी मस्जिद को लेकर वक्फ ट्रिब्यूनल में मामला दायर किया गया था, जिसको लेकर 10 जून को सुनवाई होनी थी।

मंदिरों के गिराए जाने का नहीं हुआ विरोध

दूसरी तरफ हिंदू धार्मिक स्थलों के गिराए जाने को लेकर अभी तक किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया है। दोनों मंदिरों और सत्संग हाल कमेटी के लोगों ने जेडीए की कार्रवाई पर किसी तरह का विरोध नहीं जताया है। हिंदू पक्ष की तरफ से मामला पूरी तरह से शांत है।

जयपुर के लोगों ने किया स्वागत

वहीं जयपुर के लोग भी इन अतिक्रमणों के ढहाए जाने का स्वागत कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण होना अति आवश्यक था, क्योंकि मास्टर प्लान में सड़क 80 फीट की थी और मौजूदा समय में कई जगहों पर सड़क 25 फीट की थी। शाम के समय रोजाना नूरानी मस्जिद इलाके में जाम की स्थिति बन जाती थी। सड़क के विस्तार से शहरवासियों को राहत मिलेगी।