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थानों में पुलिस की कमी से बेलगाम घूम रहे है अपराधी लेकिन पुलिस को पसंद आ रही है बाबूगिरी

पुलिस को पंसद आ रही है बाबूगिरी, 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी अटैचमेंट व्यवस्था पर सचिवालय के गृह विभाग में तैनात,पुलिस लाइन में नहीं जाना चाहते पुलिसकर्मी
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जयपुर

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Rajesh

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Updated: 22 Nov 2017, 1:10 PM IST

policemen attached to the secretariat's home department on the attachment system

जयपुर। प्रदेश के थानों में नफरी की कमी से जहां अपराधी बेलगाम हो रहे हैं वहीं 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी सचिवालय में अटैचमेंट व्यवस्था के तहत बाबूगिरी कर रहे है। इन पुलिसकर्मियों को बाबूगिरी रास भी आ रही है और वे अब यहां से वापस पुलिस थाने या पुलिस लाइन में जाना भी नहीं चाहते। वहीं गृह विभाग कर्मचारियों की कमी और काम के दवाब के कारण इन पुलिसकर्मिंयोंं को किसी तरह से काम चलाने के लिए तैनात करना बता रहा है। जबकि ऐसा नहीं है कि सचिवालय में अकेले गृह विभाग में ही कर्मचारियेां की कमी हो।

रास आ रही है बाबूगिरी -

सचिवालय स्थित गृह विभाग के अलग अलग ग्रुप की पड़ताल में सामने आया कि गृह विभाग में दर्जन ग्रुप हैं जहां अगल अलग मामलों से संबधित काम होते हैंं। सभी ग्रुपों में तीन से चार पुलिसकर्मी उनकी पे ग्रेड के अनुसार लिपिक ग्रेड प्रथम और लिपिक ग्रेड द्वितीय बन कर काम कर रहे है। वहीं कई पुलिसकर्मियों को उनकी वरिष्ठता के हिसाब से वर्षों से सेक्शन आॅफिसर तक भी बने हुए है। संबधित ग्रुप के संयुक्त शासन सचिव अपने काम के हिसाब से पुलिस लाइन या पुलिस मुख्यालय से पुलिसकर्मियों को अपने ग्रुप में अटैच कर लेते है।

कमी तो सभी विभागों में फिर यहां अटैचमेंट का खेल क्यों -

सचिवालय स्थित सभी विभागों में लिपिकों की भारी कमी है लेकिन सवाल उठाया जा रहा है कि गृह विभाग में क्यों चहेते पुलिसकर्मियों को अटैचमेंट के नाम पर थानों,पुलिस लाइन से यहां लगया जा रहा है। जबकि ये कांस्टेबल और हैड कांस्टेबल का वेतन संबधित थानों और पुलिस लाइन से उठाया जा रहा है।

नहीं बुला सकते बाहर से कर्मचारी -

सचिवालय में कार्मिकें का अलग कैडर राज्य सरकार ने बना रखा है। क्योंकि सचिवालय के विभागों में नीति निर्माण जैसे गोपनीय प्रकृति के काम होते हैं और विभागों से यहां कर्मचारी नहीं लगाए जा सकते हैं लेकिन गृह विभाग में यह खेल धडल्ले से चल रहा है।

गृह विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है और हमने डीओपी को लिखा है। काम में किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए पुलिसकर्मियों को अटैचमेंट कर रखा है। संयुक्त शासन सचिव अपने स्तर पर अटैचमेंट कर लेते है। वैसे जल्द ही हमे कार्मिक मिलने की पूरी संभावना है।

-दीपक उप्रेती—प्रमुख शासन सचिव, गृह विभाग