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Bhaum Pradosh Vrat : अधिक मास में शिवपूजा के लिए बना ये खास संयोग, जानें पूजन विधि और सबसे अच्छा मुहूर्त

29 सितंबर को अधिकमास का प्रदोष व्रत है. मंगलवार के दिन पड़ने से इसे भौम प्रदोष व्रत भी कहा जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा—अर्चना करने से धन—संपत्ति और आरोग्य की प्राप्ति होती है.
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जयपुर

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deepak deewan

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Updated: 29 Sep 2020, 8:10 AM IST

Pradosh Vrat 2020 Dates , Bhaum Pradosh Puja Vidhi Shubh Muhurat

Pradosh Vrat 2020 Dates , Bhaum Pradosh Puja Vidhi Shubh Muhurat

जयपुर. 29 सितंबर को अधिकमास का प्रदोष व्रत है. मंगलवार के दिन पड़ने से इसे भौम प्रदोष व्रत भी कहा जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा—अर्चना करने से धन—संपत्ति और आरोग्य की प्राप्ति होती है.

अधिकमास आश्विन में भौम प्रदोष व्रत का महत्व बढ़ जाता है. चातुर्मास में संसार का संचालन शिवजी के हाथों में रहता है क्योंकि विष्णुजी शयन पर रहते हैं. यही कारण है कि आश्विन में शिवजी की पूजा और असरकारी साबित होती है. इस माह शिवजी के साथ ही माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए.

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानकर भगवान शिव का ध्यान रखते हुए व्रत का संकल्प लें. मुख्य पूजा शाम को प्रदोष काल में होती है इसलिए शाम को फिर स्नान करें. ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव और मां पार्वती का पूजन करें.

प्रदोष व्रत पर भगवान शिव के पूजन के साथ ही प्रदोष व्रत की कथा भी सुनें या पढ़ें. 29 सितंबर मंगलवार को शिव पूजा का शुभ मुहूर्त यानि प्रदोष काल शाम 06:09 बजे से 08:34 बजे तक का है.