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Rajasthan Assembly Election 2023: अजमेर संभाग में आसान नहीं भाजपा की राह, क्या मोदी करेंगे चमत्कार

Rajasthan Assembly Election 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर राजस्थान आ रहे हैं। अपनी सरकार के 9 साल पूरे होने पर 31 मई को वो अजमेर में बड़ी सभा करेंगे। इस बार भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राजस्थान के उन इलाकों पर फोकस कर रहा है, जहां 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी कमजोर रही, या उसे कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिली।
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जयपुर

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Umesh Sharma

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Updated: 25 May 2023, 4:36 PM IST

Rajasthan Assembly Election 2023: अजमेर संभाग में आसान नहीं भाजपा की राह, क्या मोदी करेंगे चमत्कार

Rajasthan Assembly Election 2023: अजमेर संभाग में आसान नहीं भाजपा की राह, क्या मोदी करेंगे चमत्कार

Rajasthan Assembly Election 2023 जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर राजस्थान आ रहे हैं। अपनी सरकार के 9 साल पूरे होने पर 31 मई को वो अजमेर में बड़ी सभा करेंगे। इस बार भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राजस्थान के उन इलाकों पर फोकस कर रहा है, जहां 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी कमजोर रही, या उसे कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिली। यही वजह है एससी-Bjएसटी बाहुल्य सीटों के साथ आदिवासी इलाकों में मोदी और अमित शाह सभा कर चुके हैं। अब अजमेर में पार्टी को मजबूती देने के लिए मोदी सभा करने आ रहे हैं।

अजमेर में मजबूत, संभाग में कड़ी टक्कर

अजमेर जिले की बात की जाए तो यहां पार्टी मजबूत स्थिति में है। 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां की कुल 8 सीटों में पांच पर भाजपा, दो पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय ने कब्जा जमाया। मगर अजमेर संभाग की बात की जाए तो यहां कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी। संभाग की 29 में से 13-13 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस को 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी। वहीं दो सीटों पर रालोपा और एक सीट पर निर्दलीय को जीत मिली।

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हनुमान बेनीवाल पहुंचा सकते हैं नुकसान

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भी भाजपा के लिए खतरा है। खासकर जाट बाहुल्य इलाकों में पार्टी की पैठ है। 2018 के विधानसभा चुनाव में रालोपा ने नागौर में दो सीटों पर कब्जा जमाया था। नागौर की 10 सीटों में 6 पर कांग्रेस जीती थी, वहीं भाजपा को महज दो सीटों पर ही जीत मिल पाई। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने रालोपा को समर्थन दिया था और हनुमान बेनीवाल ने जीत दर्ज की थी, लेकिन अब बेनीवाल मोदी सरकार से समर्थन वापस ले चुके हैं, ऐसे में पार्टी को संभलकर चलना होगा।

दोनों उप चुनाव हारी भाजपा

अजमेर संभाग की दो सीटों पर उप चुनाव हुआ था। दोनों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। हनुमान बेनीवाल के सांसद बनने के बाद खींवसर सीट से उनके भाई और रालोपा प्रत्याशी नारायण बेनीवाल जीते थे। इसी तरह भीलवाड़ा की सहाड़ा सीट से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी के निधन के बाद उनकी पत्नी गायत्री देवी ने चुनाव जीता है।


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अजमेर
विधानसभा————विधायक—————पार्टी

किशनगढ़———सुरेश टाक———स्वतंत्र
पुष्कर————सुरेश सिंह रावत—भाजपा
अजमेर उत्तर————वासुदेव देवनानी———भाजपा
अजमेर दक्षिण (SC)———अनीता भदेल———भाजपा
नसीराबाद——रामस्वरूप लांबा——भाजपा
ब्यावर———शंकर सिंह———भाजपा
मसूदा———राकेश पारीक——कांग्रेस
केकड़ी———रघु शर्मा————कांग्रेस
(कुल सीट—8, भाजपा—5, कांग्रेस—2, निर्दलीय—1)

नागौर
विधानसभा————विधायक—————पार्टी

लाडनूं———मुकेश भाकर———कांग्रेस
डीडवाना———चेतन चौधरी————कांग्रेस
जायल (अजा)———मंजू मेघवाल———कांग्रेस
नागौर———मोहन राम———भाजपा
खींवसर———नारायण बेनीवाल———रालोपा
मेड़ता (एससी)———इंदिरा देवी———रालोपा
डेगाना———विजयपाल मिर्धा———कांग्रेस
मकराना———रूपा राम———भाजपा
परबतसर——रामनिवास गावड़िया———कांग्रेस
नावां———महेंद्र चौधरी———कांग्रेस
(कुल—10, भाजपा—2, कांग्रेस—6, रालोपा—2)


भीलवाड़ा
विधानसभा————विधायक—————पार्टी

आसींद———जब्बर सिंह सांखला——भाजपा
मंडल———रामलाल जाट———कांग्रेस
सहाड़ा———गायत्री देवी———कांग्रेस
भीलवाड़ा———विठ्ठल शंकर अवस्थी———भाजपा
शाहपुरा——कैलाश चंद्र मेघवाल——भाजपा
जहाजपुर———गोपीचंद मीणा——भाजपा
मांडलगढ़——गोपाल लाल शर्मा————भाजपा
(कुल—07, भाजपा—5, कांग्रेस—2)

टोंक
विधानसभा————विधायक—————पार्टी

मालपुरा———कन्हैया लाल———भाजपा
निवाई (अजा)———प्रशांत बैरवा———कांग्रेस
टोंक———सचिन पायलट———कांग्रेस
देवली-——उनियारा———हरीश मीणा———कांग्रेस
(कुल—4 सीट, भाजपा—1, कांग्रेस—3)