
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan News : राजस्थान में चेजा पत्थर व रोड़ी क्रेशर संचालकों की हड़ताल के चलते भवन निर्माण सामग्री का असर बाजार में दिखाई देने लगा है। आठ दिन से चल रही हड़ताल के चलते राज्य में क्रेशर बंद होने से रोड़ी की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं इमारती पत्थर के भी भाव तेजी पकड़ रहे हैं।
क्रेशर-चेजा पत्थर खनन संचालकों की हड़ताल की वजह से अब मकान बनाना महंगा पड़ रहा है। हड़ताल की वजह से निर्माणाधीन मकानों पर अचानक ब्रेक लग गया है। इस वजह से करीब 6 लाख से अधिक मजदूर बेगार हो गए। हड़ताल की वजह से रोडी 800 रुपए प्रति टन की जगह 1600 रुपए प्रति टन पहुंच गई है। सीमेन्ट, सरिया टाइल्स व मार्बल की बिक्री पर भी असर पड़ा है। हड़ताल की वजह से प्रदेश में डीजल की खपत भी कम हो गई है।
उधर, सरकार की ओर से मांगों पर विचार करने को लेकर बनी कमेटी से वार्ता के लिए खनन उद्यमियों की ओर से भी मनोज घुमरिया की अध्यक्षता में तकनीकी कमेटी गठित की गई है।
खनन उद्यमियों ने रविवार को ज्योति नगर स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बैठक की। योगेश कटारा व पवन शर्मा ने बताया कि सरकार जब तक ड्रोन सर्वे, डिजिटल आंकड़ों के आधार पर बिना मौका सत्यापन किए बनाए जा रहे पंचनामों पर रोक लगाने और आरटीओ सॉटवेयर को माइनिंग सॉटवेयर से जोड़ने सहित अन्य मांगों पर विचार नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
Updated on:
11 Aug 2025 07:29 am
Published on:
11 Aug 2025 07:29 am
