CP Joshi ने बताया कि भाषण के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi , केन्द्रीय मंत्री साध्वी उमा भारती एवं साध्वी ऋतंभरा की जाति का किसी दुर्भावना से उपयोग नहीं किया गया और न ही स्वयं को ब्राह्मण बताकर भाषण दिया। रिटर्निंग अधिकारी की ओर से उपलब्ध करवाए गए 35 सैकंड के वीडियो एवं सोशल मीडिया पर उपलब्ध लगभग 4 मिनट का एक अन्य वीडियो में पूर्ण रूप से भिन्नता है। डॉ. जोशी ने तीन पेज के जवाबी पत्र में कहा कि किसी भी प्रकार से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया गया है। शिकायत राजनीतिक द्वेषता के कारण की गई है, जिसे दाखिल दफ्तर (ड्रोप) की जाए।