6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भविष्यवाणी नहीं करता, लेकिन टोंक में रिकॉर्ड मतों से मिलेगी जीत : पायलट

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Pushpendra Singh Shekhawat

•

Updated: 21 Nov 2018, 1:41 PM IST

sachin pilot

भविष्यवाणी नहीं करता, लेकिन टोंक में रिकॉर्ड मतों से मिलेगी जीत : पायलट

जयपुर। टोंक में इस बार हमें रिकॉर्ड मतों से कामयाबी मिलेगी। जनता में हमारे प्रति काफी उत्साह और प्यार है। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि हम यहां रिकॉर्ड मत हासिल कर जीत हासिल करेंगे। यह कहना है कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और टोंक से प्रत्याशी सचिन पायलट का। पायलट बुधवार को राजधानी में वैचारिक मंथन राजस्थान पत्रिका की-नोट कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं भविष्यवाणी नहीं कर रहा हूं लेकिन मेरा मानना है कि टोंक से रिकॉर्ड मतों से जीतूंगा वहां की जनता का भरपूर प्यार मुझे मिल रहा है।


अपने निर्वाचन क्षेत्र बदलने पर पायलट ने कहा कि दौसा मेरा निर्वाचन क्षेत्र था, अब वह आरिक्षत हो गया है वहां से मैं लड़ नहीं सकता, अजमेर से हमारे ही नेता सांसद हैं, अब मैं विधानसभा चुनाव लड़ रहा हूं। मैं पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं। पार्टी मुझे जहां से लड़ने का आदेश देती हैं मैं उसे ही मानता हूं। सौभाग्यशाली हूं कि मुझे चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है, अंत में निर्णय मतदाता ही करता है।

जो बोलेगी वो जनता बोलेगी
पायलट ने कहा कि मैं दो दिन पहले नामांकन भरने गया तो पत्रकारों ने मेरे से बार—बार भाजपा प्रत्याशी युनूस खान के बारे में कुछ बोलने को काफी उकसाया। मैंने कहा कि मैं उनके खिलाफ क्यों बोलूं वो चुनाव लड़ने आए हैं मैं भी चुनाव लड़ने आया हूं। हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जो बोलेगी वो जनता बोलेगी। हम दोनों नामांकन भरने के बाद आपस में मिले। मैंने उनसे नमस्कार किया और उन्हें कहा कि मैं आपको शुभकामनाएं देना चाहता हूं, लंबी आयु की आप स्वस्थ रहे मुस्कुराते रहे लेकिन जीत की नहीं दे सकता। वो जनता फैसला करेगी।


शुद्ध का युद्ध पर पत्रिका को बधाई
पायलट ने राजस्थान पत्रिका द्वारा चलाए जा रहे फेक न्यूज अभियान को लेकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि
फेक न्यूज, फेक विज्ञापन को रोकने की जिम्मेदारी पार्टियों के साथ समाज की भी है। कानून की ताकत फेक न्यूज को उतने प्रभावी तरीके से नहीं रोक सकती जितनी इसमें मीडिया भूमिका निभा सकती है। अगर मीडिया ठान ले तो फेक न्यूज पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकती है।