
ओम प्रकाश शर्मा
Rajasthan CM: तीन राज्यों में प्रचंड जीत के बाद लम्बी जद्दोजहद के बाद आखिरकार सीएम फेस को लेकर भाजपा ने पर्यवेक्षक नियुक्त कर ही दिए। सूत्रों के अनुसार आलाकमान ने तमाम नेताओं से चर्चा और रायशुमारी के बाद तीनों राज्यों में सीएम के नाम पर मुहर लगा दी है लेकिन संस्पेस बरकरार है। राजस्थान के लिए केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे, विनोद तावड़े को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
ये तीनों जयपुर में विधायकों से मुलाकात कर रायशुमारी करेंगे। संभवतया रविवार 10 दिसम्बर को विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें सीएम के नाम को आगे बढ़ाया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मिली जीत के बाद उन्हीं चेहरों को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया है, जो डबल इंजन सरकार फॉर्मूले में फिट बैठे। पार्टी का मानना है कि जनता ने तीनों राज्यों में जिस तरह से स्पष्ट बहुमत दिया है, उससे पार्टी पर काम करने का बहुत दबाव है।
जनता की अपेक्षाएं तेजी से पूरी होंगी तभी तीनों राज यों में 2024 की सभी लोकसभा सीटें जीतने का टारगेट पूरा हो सकेगा। राज्यों में ऐसा नेता चाहिए जो पार्टी को प्रसिद्धि दिलाने के लिए कार्य करने वाला हो न कि खुद को। खासकर राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ऐसे चेहरे को कमान देने की तैयारी है जो पार्टी और परफॉर्मेंस दोनों के मोर्चे पर खुद को साबित कर सके। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कौन सीएम बनेगा, इसको लेकर भाजपा शीर्ष नेतृत्व गोपनीयता बरत रहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने पत्रिका से कहा कि ऐसा विधायक दल को बैठक की गरिमा बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। अगर दिल्ली से ही चेहरे की घोषणा हो जाए तो फिर राज्य की राजधानी में होने वाली विधायक दल की बैठक का औचित्य ही क्या रह जाएगा? जब विधायक दल की बैठक आधी हो चुकी होगी, तब जाकर ऑब्जर्वर आधिकारिक रूप से किसी चेहरे की घोषणा करेंगे। शीर्ष नेतृत्व जो भी तय करेगा, उसके नाम की घोषणा विधायकों की सहमति के बाद ही की जाएगी।
Published on:
08 Dec 2023 12:25 pm
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