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राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव: बदलेंगे सियासी समीकरण, दावेदारों में बेचैनी

राजस्थान में नगर निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के साथ राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। । चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की निगाहें आरक्षण की लॉटरी पर टिकी है।
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Rajasthan Panchayat-Nikay Elections Only 42 days left Experts say it may be difficult

Rajasthan Panchayat-Nikay Elections : ग्राफिक्स फाइल फोटो पत्रिका

राजस्थान में नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की निगाहें अब आरक्षण की लॉटरी पर टिकी है। इसी प्रक्रिया से तय होगा कि कौन-सी सीट सामान्य रहेगी और कौन-सी महिला, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित होगी।

संभावना है कि यह प्रक्रिया 15 अगस्त से पहले पूरी कर ली जाएगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार पहले नगर निकाय चुनाव होंगे। इनकी अधिसूचना 17 अगस्त के आसपास जारी होने की संभावना है तथा चुनाव प्रक्रिया करीब 20 सितंबर तक पूरी हो सकती है। इसके बाद 23 सितंबर के आसपास पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की घोषणा प्रस्तावित है, जिनकी पूरी प्रक्रिया 15 नवंबर तक चल सकती है।

लंबे समय से चुनावी तैयारियों में जुटे कई दावेदारों के लिए आरक्षण की लॉटरी सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी। लॉटरी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वे चुनाव मैदान में उतर पाएंगे या नहीं।

ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच और सरपंच पदों के आरक्षण की लॉटरी उपखंड अधिकारी निकालेंगे, जबकि पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्य पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण जिला कलक्टर करेंगे। नगर निकायों में पार्षद और चेयरमैन पदों का आरक्षण भी लॉटरी के जरिए तय होगा।

50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित

चुनावी नियमों के अनुसार सभी पदों पर 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। सामान्य वर्ग के साथ-साथ एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के लिए भी लॉटरी निकाली जाएगी। महिला वर्ग में भी एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के लिए अलग-अलग आरक्षण लॉटरी होगी।

निकाय चुनाव की घोषणा से पहले ही पार्टियों में दावेदारी शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं और लॉटरी का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बैठकों का दौर तेज है।

कई जगह पुराने और नए चेहरों के बीच टिकट को लेकर खींचतान भी शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार कई जगह सियासी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

जयपुर के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र में इस बार पहली बार दो पंचायत समितियों शाहपुरा और अमरसर में चुनाव होंगे। राज्य सरकार द्वारा अमरसर को नई पंचायत समिति का दर्जा दिए जाने के बाद अब विधानसभा क्षेत्र में दो प्रधान चुने जाएंगे।

शाहपुरा पंचायत समिति में 19 ग्राम पंचायतें तथा नवगठित अमरसर पंचायत समिति में 22 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। दोनों पंचायत समितियों में 15-15 पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव होगा। वहीं, नगर निकाय चुनाव में शाहपुरा नगरपरिषद और मनोहरपुर नगरपालिका के बोर्ड का गठन होगा।

रणनीति बनाने में जुटीं राजनीतिक पार्टियां

नगर निकाय और पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों के साथ राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। संभावित उम्मीदवारों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है और आरक्षण की लॉटरी के बाद अंतिम रणनीति तय करने की तैयारी चल रही है। स्थानीय स्तर पर भी चुनावी माहौल बनने लगा है और दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय नजर आ रहे है।

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