
Rajasthan news जयपुर। उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य रहे रामूराम राईका को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने करीब 8 घंटे तक चली लंबी पूछताछ के बाद देर रात रामूराम राईका को अरेस्ट किया। इधर, आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामूराम राईका के बेटा-बेटी को लेकर भी कई चौंकाने वाले खुलासा सामने आए है। शुद्ध हिंदी नहीं आने के बावजूद भी दोनों RPA में ट्रेनिंग ले रहे थे। एसओजी ने जब दोनों से कुछ सवाल पूछे तो अधिकारी भी हैरान हो गए।
पूछताछ में लगी टीम ने गिरफ्तार प्रशिक्षु थानेदार शोभा राईका व उसके भाई देवेश राईका से राजस्थान के राज्यपाल का नाम पूछा, लेकिन दोनों ही राज्यपाल का नाम नहीं जानते थे। इसके बाद संज्ञा व सर्वनाम सहित अन्य कई जानकारी पूछी, जिनके बारे में भी आरोपी कुछ नहीं बता सके।
एसओजी सूत्रों के मुताबिक हाल ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी पेपर लीक मामले में किसी की भी भूमिका होने पर उसे नहीं छोड़ने को कहा था। एसओजी ने अब आरपीएससी की बड़ी मछली को गिरफ्तार कर लिया है। एसओजी ने आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामूराम राईका को भी गिरफ्तार किया। अब भी एसाओजी में प्रशिक्षण ले रहे कई थानेदार एसओजी के रडार पर हैं। जल्द ही और थानेदारों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
-आरएएस-2013 में पेपर लीक और प्रिंटिंग प्रेस तक पहुंचने के कारण पूर्व चेयरमैन हबीब खान गौरान घिर गए। यह परीक्षा सरकार-आयोग को निरस्त करनी पड़ी। आंदोलन और दबाव के चलते 2014 में गौरान को इस्तीफा देना पड़ा था।
-आरएएस 2018 के साक्षात्कार 2021 में कराए गए। इस दौरान एसीबी ने तत्कालीन लेखाधिकारी सज्जनसिंह गुर्जर को एक लाख की नकदी और 22 लाख के डमी नोट के साथ ट्रैप किया था।
-वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में एसओजी ने 18 अप्रेल 2023 को आयोग के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा, बर्खास्त ड्राइवर गोपाल सिंह और विजय कटारा को गिरफ्तार किया था। सवा साल में भी कटारा को बर्खास्त नहीं किया जा सका है।
-अधिशासी अधिकारी भर्ती परीक्षा-2022 घूसकांड मामले में एसीबी ने 12-13 मार्च को दो सदस्यों से पूछताछ की थी। इस मामले में 18.50 लाख रुपए के साथ एसीबी ने गोपाल केसावत, अनिल कुमार, ब्रह्म प्रकाश को पकड़ा था।
-आरएएस 2018 के साक्षात्कार में दो अभ्यर्थियों को 80-80 अंक दिए जाने का मामला उछला था।
-गौरान के कार्यकाल में पुत्री का आरजेएस में चयन होने पर विवाद बढ़ा। सरकार ने आयोग से आरजेएस परीक्षा छीनकर हाईकोर्ट को सौंपी।
-सीआर चौधरी के सदस्य-अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान हुई विभिन्न भर्तियाें पर भी सवाल खड़े हुए थे।
उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपरलीक मामले में अंतिम दोषी तक को नहीं छोड़ा जाएगा। अनुसंधान के बाद प्रकरण की अंतिम कड़ी को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
-वीके सिंह, एडीजी, एसओजी-एटीएस
Updated on:
02 Sept 2024 09:54 am
Published on:
02 Sept 2024 09:54 am
