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E-Lease System: राजस्थान में औद्योगिक निवेशकों के लिए आसान होगी लीज डीड की प्रक्रिया, जानिए क्या बदलेगा नया सिस्टम

Industrial Land Allotment: रीको की ई-लीज प्रणाली से बदलेगा औद्योगिक भूखंडों का कामकाज, अब ऑनलाइन होगा लीज एग्रीमेंट। रीको की नई ई-लीज व्यवस्था से उद्यमियों को मिलेगी राहत, ऑनलाइन होगा लीज एग्रीमेंट।
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जयपुर

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Rajesh Dixit

•

Oct 11, 2026

Industrial Land Allotment

Photo AI

RIICO E-Lease System: जयपुर. राजस्थान में औद्योगिक भूखंड लेने वाले उद्यमियों और निवेशकों के लिए लीज एग्रीमेंट की प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी है। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) अब लीज एग्रीमेंट के निष्पादन और पंजीयन से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल करने जा रहा है। इसके लिए रीको डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 में संशोधन कर मौजूदा ऑफलाइन व्यवस्था की जगह ई-लीज प्रणाली लागू करने की पहल की गई है। नई व्यवस्था लागू होने पर दस्तावेज तैयार करने से लेकर पंजीयन के लिए उन्हें संबंधित कार्यालय भेजने तक के कई चरण ऑनलाइन पूरे किए जा सकेंगे।

इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों से जुड़े कामकाज में लगने वाला समय घटाना, दस्तावेजों की आवाजाही कम करना और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। खास बात यह है कि इससे दूसरे जिलों और राज्यों में रहने वाले आवंटियों तथा कंपनियों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

रीको कार्यालय के चक्कर होंगे कम, ऑनलाइन तैयार होगा लीज एग्रीमेंट

वर्तमान व्यवस्था में औद्योगिक भूखंड आवंटित होने के बाद लीज एग्रीमेंट के निष्पादन के लिए आवंटी को भौतिक दस्तावेजों के साथ रीको के इकाई कार्यालय और संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय में जाना पड़ता है। दस्तावेजों की जांच, हस्ताक्षर और पंजीयन से जुड़ी औपचारिकताओं में समय लगता है। दूर रहने वाले आवंटियों और कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों के लिए यह प्रक्रिया अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

प्रस्तावित ई-लीज प्रणाली में रीको के ईआरपी पोर्टल के माध्यम से लीज एग्रीमेंट तैयार करने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने की व्यवस्था होगी। इससे दस्तावेजों को लेकर बार-बार कार्यालयों तक पहुंचने की जरूरत कम हो सकेगी।

आधार प्रमाणीकरण से इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर तक, डिजिटल होगा पूरा सिस्टम

नई प्रणाली में सबसे पहले आवंटी के बकाया भुगतान की स्थिति की जांच की जाएगी। इसके बाद अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं का विवरण दर्ज होगा और आधार आधारित प्रमाणीकरण, गवाहों के विवरण तथा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संबंधित इकाई कार्यालय की जांच के बाद लीज एग्रीमेंट तैयार होगा।
आवंटी, गवाहों और रीको के अधिकृत अधिकारी निर्धारित क्रम में इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद दस्तावेज को सील करके पंजीयन के लिए संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय भेजा जाएगा। प्रणाली के जरिए एक संदर्भ संख्या भी जारी होगी, जिसकी मदद से आवंटी आगे की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकेगा और अपनी सुविधा के अनुसार उप-पंजीयक कार्यालय में समय ले सकेगा।

पूरी तरह ऑनलाइन नहीं होगा पंजीयन, बायोमेट्रिक के लिए जाना पड़ेगा कार्यालय

ई-लीज प्रणाली में डिजिटल प्रक्रिया के बावजूद पंजीयन से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं कार्यालय में ही पूरी करनी होंगी। पंजीयन अधिनियम, 1908 के तहत आवश्यक बायोमेट्रिक पहचान और फोटोग्राफी के लिए आवंटी तथा गवाहों को संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा।

स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क जमा होने की पुष्टि तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दस्तावेज का पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद पंजीकृत लीज एग्रीमेंट इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रीको के इकाई कार्यालय को वापस भेजा जाएगा।

इस व्यवस्था में लीजहोल्ड अधिकारों के हस्तांतरण, संस्था के गठन में बदलाव, अनुमत गतिविधि में परिवर्तन और मूल लीज एग्रीमेंट में संशोधन जैसी स्थितियों के लिए पूरक अथवा संशोधित लीज एग्रीमेंट की प्रक्रिया को भी डिजिटल व्यवस्था के अनुरूप सुगम बनाने का प्रावधान है।

रीको की इस पहल से औद्योगिक भूखंडों से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, अभिलेखों को सुरक्षित रखने और उद्यमियों की असुविधा कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसकी वास्तविक समयबद्धता और सुविधा का लाभ सामने आएगा।