
सीकर की सरजमीं पर कारोबार पर कब्जे और जरायम दुनिया में वर्चस्व करने की नीयत ने दो गैंग की खूनी कहानी लिखी है। इसमें जातीय राजनीति ने जाट और रावाणा राजपूत के मॉडल ने भी भरपूर घी डालने का काम किया। इसके बाद जो दुश्मनी शुरू हुई वह जाकर 3 दिसंबर को खत्म हुई।
राजू ठेहट और आनंदपाल गैंग की सीधी दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। जेल में भी दोनों एक दूसरे की जान लेने की कोशिश करते रहे। पहले आनंदपाल गैंग ने सीकर जेल में राजू ठेहट पर हमला कराया जिसमें वह बाल बाल बच गया तो वहीं बीकानेर जेल में राजू ठेहट ने आनंद पाल और उसके जिगरी दुश्मनी बलबीर बनूडा पर हमला कराया जिसमें बलबीर बनूडा मारा गया और आनंदपाल बच गया।
...ऐसे तैयार किया किया गया मौत का सामान
16 फरवरी 2022 को 200 फीट एक्सप्रेस हाईवे पर 5 मादक पदार्थ तस्करों को हथियार सहित पकड़ा। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि जयपुर में रह रहे राजू की हत्या की साजिश रची गई है। इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मादक पदार्थ तस्करी कर रुपए जुटाए जा रहे हैं। इस बात का खुलासा होने पर कमिश्नरेट पुलिस ने जयपुर में गैंगवार की आशंका पर राजू ठेहट पर शिकंजा कसा।
दशक की दुश्मनी में गई ठेहट की जान
गैंगस्टर राजू ठेहट की लॉरेंस व आनंदपाल सहित कई अन्य गैंग से जानी दुश्मनी थी। लंबे समय से जेल में बंद राजू ठेहट ने बाहर आने के बाद जयपुर को ठिकाना बना लिया था। स्वेज फार्म पर राजू ठेहट जिस कॉलोनी में रहता था, वहां 25 सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाकर एक किलोमीटर दूरी तक दूसरी गैंग के गुर्गों पर नजर रखता।
राजू को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
कमिश्नरेट पुलिस ने महेश नगर थाना पुलिस ने 3 मार्च को राजू सहित आठ लोगों को कॉलोनी में दहशत फैलाने और शांतिभंग के मामले में गिरफ्तार किया। इसके अगले दिन भांकरोटा में एक जमीन पर अवैध कब्जा करवाने का मामला दर्ज कर 5 मार्च को गिरफ्तार किया। जमानत के बाद ठेहट सीकर में रहने लगा।
Published on:
04 Dec 2022 12:54 pm
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