
जयपुर . सीमा पर देश की रक्षा करने से लेकर कैब चलाने तक हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रही हैं। अब पूर्वाग्रहों को तोड़ते हुए रामलीला में महत्वपूर्ण किरदार निभाकर खुद को साबित कर रही हैं। शहर की सबसे पुरानी रामलीलाओं में से एक में छह दशक बाद पहली बार महिलाएं रामलीला में अभिनय करेंगी। आदर्श नगर स्थित श्रीराम मंदिर में चल रही रामलीला में 61 साल में पहली बार महिलाएं किरदार निभाएंगी। दस दिनों तक चलने वाली रामलीला में महिला किरदार केवल महिलाएं ही निभाएंगी, पुरूष नहीं। जबकि सामान्यत: रामलीला में महिला पात्र भी पुरूष ही निभाते हैं।
मंडली में 11 महिलाएं निभाती हैं किरदार
कोटा से आई इस 48 साथियों की मंडली में 11 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से कई महिलाएं 11 साल से मंडली से जुड़ी हुई हैं तो कई 3—4 वर्षों से। ये महिलाएं सीता, कौशल्या, सती अनुसूइया, शुरपनखा सहित कई अहम किरदार निभाएंगी।
कोई जूडो का स्टेट प्लेयर तो कोई गृहणी
महिला मंडली में शामिल लड़कियों में से कोई जूडो की स्टेट प्लेयर है तो कोई स्कूल की उप प्रधानाध्यक। सीता का किरदान निभाने वाली प्रिया बुधवानी ने बताया कि दो महीने पहले ही प्रैक्टिस शुरू कर देते हैं। रामलीला करने के अलावा बाकी 11 महीने निजी कम्पनी में जॉब करती हैं।
वर्ष 2006 से किया महिलाओं को शामिल
मंडली के निर्देशक श्रीनाथ गौतम ने बताया कि पिछले 40 साल से रामलीलाएं कर रहे हैं। लोगों की मांग पर वर्ष 2006 में पहली बार मंडली में महिलाओं को शामिल किया। शुरुआत परिवार की महिलाओं से की। धीरे-धीरे महिलाओं की संख्या बढ़ गई। हालांकि यह मंडली जयपुर में पहले भी रामलीलाएं कर चुकी है।
Published on:
21 Sept 2017 10:58 pm
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