
जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हाे पाया, जिसके बाद कांग्रेस ने नागाैर लाेकसभा सीट से पूर्व केन्द्रीय मंत्री नाथूराम मिर्धा की पौती एवं पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा काे टिकट दे दिया। भाजपा ने अभी नागौर से उम्मीदवार नहीं उतारा है। आखिर क्या वजह रही जाे कई दाैर की बातचीत के बाद भी हनुमान बेनीवाल और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हाे पाया? इसकाे लेकर राजस्थान पत्रिका डॉट कॉम ने हनुमान बेनीवाल से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने गठबंधन नहीं होने और अपनी आगे की रणनीति के बारे में बताया।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमको जो प्रस्वात दिया था वो हमें स्वीकार नहीं था जिसके बाद मैंने खुद कांग्रेस के गठबंधन के प्रस्वात को ठुकरा दिया। बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस की ओर से गठबंधन करने की पहल के बाद आरएलपी ने गठबंधन के लिए मसौदा बनाया गया। हमने कांग्रेस से सात सीटें (नागौर, बाड़मेर, गंगानगर, पाली, बीकानेर, जयपुर ग्रामीण, करौली-धौलपुर) मांगी लेकिन कांग्रेस केवल तीन सीट देने पर अड़ गर्इ। हम इस पर कतई राजी नहीं थे। यही गठबंधन न हाेने की वजह रही।
रालोपा प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने पार्टी के अगले कदम के बारे में कहा कि आज पार्टी की चुनावी कमेटी की बैठक होगी, जिसमें चुनाव लड़ने को लेकर फैसला लिया जाएगा। रविवार तक तय हो जाएगा कि पार्टी किस-किस सीट से अपना उम्मीदवार चुनाव में उतारेगी। मालूम हो कि कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रदेश की 25 में से 19 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुके हैं। इनमें से 14 सीटों पर दोनों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। शेष 6 सीटों को लेकर दोनों ही दल सियासी नफा-नुकसान में उलझ गए हैं।
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Updated on:
30 Mar 2019 09:17 am
Published on:
30 Mar 2019 08:41 am
