
सुनील सिंह सिसोदिया, दिल्ली।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट राजधानी जयपुर की किशनपोल सीट से चुनाव मैदान उतर सकते हैं। हालांकि पायलट के नजदीकी किशनपोल सहित प्रदेश की पांच सीटों पर मंथन कर रहा हैं। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत की ओर से उनके और पायलट के चुनाव मैदान में उतरने के एलान के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई।
बताया जा रहा है कि इस एलान के बाद प्रदेश के लगभग डेढ़ दर्जन जिलों से नेताओं ने सीट बताते हुए चुनाव लडऩे के लिए सुझाव देने शुरू कर दिए। हालांकि उनकी सीट का एलान गुरुवार को कांग्रेस उम्मीदवारों की जारी होने वाली पहली सूची में ही हो जाएगा। 'पत्रिका' ने एक दिन पहले ही एलान किया था कि बुधवार को राहुल गांधी की स्वीकृति के बाद पायलट और गहलोत के चुनाव लडऩे का एलान किया जा सकता है।
एआइसीसी में चुनाव लडऩे के एलान के बाद पायलट के लिए उनके नजदीकी नेताओं ने जयपुर जिले की किशनपोल और विराटनगर, भीलवाड़ा की आसीन्द, अजमेर जिले की मसूदा और भरतपुर जिले की नगर सीट को चिन्हित किया है। इन सीटों पर चुनावी और जातिगत समीकरणों को लेकर दोपहर से देर रात तक तैयारी चलती रही।
जानकारी के मुताबिक पायलट के नजदीकी नेताओं ने दर्जनभर से ज्यादा सीटों पर प्रदेशभर के नेताओं से चर्चा की। इसके अलावा दर्जनभर से ज्यादा जिलों से उनके लोगों को नेताओं ने सीट का सुझाव देते हुए चुनाव लडऩे के लिए कहा। दिनभर और देर रात तक चली इस मशक्कत के बाद पांच सीटों को चिन्हित किए जाने के बारे में बताया जा रहा है।
इन सीटों पर नजर इसलिए...
- किशनपोल : पायलट प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में ही रह रहे हैं। ऐसे में वहां के मतदाता बन चुके हैं। यहां मुस्लिम मतदाताओं बड़ी संख्या में इसके अलावा कांग्रेस वोट बैंक अन्य जाति समुदायों में भी अच्छा माना जाता है।
- विराटनगर : इसी प्रकार विराट नगर सीट गुर्जर बाहुल्य है। यहां दोनों ही पार्टियों की ओर से अक्सर गुर्जर समुदाय को ही टिकट दिया जा रहा है।
- मसूदा : अजमेर जिले की मसूदा सीट पर गुर्जर और मुस्लिम मतदाता सबसे ज्यादा है। पायलट यहां से सांसद रहे हैं और यह सीट उन्हीं के संसदीय क्षेत्र में रही है।
- आसीन्द : भीलवाड़ा जिले की आसीन्द सीट पर गुर्जर समुदाय के अच्छे वोट हैं। इसके अलावा अन्य जातियों में भी कांग्रेस पार्टी का प्रभाव बताया जा रहा है। यह सीट अजमेर जिले से भी सटी हुई है।
- नगर : भरतपुर जिले की नगर सीट गुर्जर बाहुल्य है। इस क्षेत्र से ही पायलट के पिता राजेश पायलट ने राजस्थान की राजनीति में प्रवेश किया था। वे यहां सांसद का चुनाव लड़े थे।
Updated on:
15 Nov 2018 08:09 am
Published on:
15 Nov 2018 08:08 am
