
जयपुर , चाकसू। गणतंत्र दिवस पर बच्चों को बंटने वाली मिठाई पर पार्षदों की आपसी खींचतान का एेसा असर हुआ कि बीस साल का क्रम टूट गया। दरअसल चाकसू में इस बार बच्चों को जो मिठाई दी जानी थी उसके टेंडर ही नहीं हुए। नगर पालिका चेयरमैन को पता चला तो उन्होनें यह कहते हुए पल्ला झाडऩे की कोशिश की कि प्रकिया के अनुसार मिठाई के लिए टेंडर होने की सूचना है। परेशानी कहां पर हुई है इसे लेकर मामला दिखवाया जा रहा है। वहीं ईओ मुकेश कुमार का कहना है कि इस बार टेंडर लेने वाले हलवाई ने रेट्स ज्यादा दी तो टेंडर नहीं किया।
पूरे देश में बंटती है मिठाईयां, चाकसू में भी बीस साल से बंट रही
गणतंत्र दिवस और स्वाधीनता दिवस पर पूरे देश में स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम होते हैं। साथ ही बच्चों को मिठाईयां बांटी जाती हैं। चाकसू में भी बीस साल से बच्चों को मिठाईयां बांटी जा रही है। लेकिन इस बार पार्षदों की खीचंतान में यह शर्मनाक घटना हुई है। पिछले 20 सालों से नगर पालिका की और से 15 अगस्त व 26 जनवरी को कस्बे के सभी सरकारी व् प्राइवेट स्कूलों में देशी घी से बने लड्डू वितरण किये जाते आ रहे हैं।
इस बार भी पालिका ने 23 जनवरी को साधरण सभा की बैठक बुलवाई थी जिसका प्रमुख मुद्दा 26 जनवरी को मिठाई वितरण का था और उस पर चर्चा होनी थी लेकिन पार्षदो की आपसी खींचतान व् गुटबाजी के चलते पालिका प्रशासन से मीटिंग स्थगित कर दी जिससे बोर्ड में चर्चा भी नही हो सकी और पालिका प्रशासन ने भी लड्डू वितरण केंसिल कर दिया ।
इस मामले में पार्षद परमजीत सिंह व् मोहन बोहरा ने इसे पूरी तरह गलत बताया और कहा कि पालिका की और से पिछले 20 सालों से लड्डू वितरण होते आये है जो इस बार नही हो रहे हे वो बच्चो के साथ अन्याय है हुआ है । वहीं पालिका अध्यक्ष अनीता गुर्जर ने बताया कि मिटाई के लिए विधिवत तरीके टेंडर भी हुए थे लेकिन पालिका अधिकारियो ने इस मामले में लापरवाही बरती जिसकी वजह से बच्चो को मिठाई नही मिली वही।
Updated on:
27 Jan 2018, 3:03 PM IST
Published on:
27 Jan 2018, 2:50 PM IST
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