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स्कूल को वापस लेनी होगी बढ़ी हुई फीस

— नहीं मानने पर मान्यता हो सकती है निरस्त, निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने दिए निर्देश
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

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Updated: 25 Apr 2018, 12:17 PM IST

education news

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जयपुर। मनमानी फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों के विरोध को दिखते हुए शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों पर शिकंजा कस दिया है। अब निजी स्कूलों के अनावश्यक फीस वृद्धि करने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने भी इसे गंभीरता से लिया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल ने केएम मुंशी मार्ग और प्रताप नगर स्थित विद्याआश्रम स्कूल को इसके लिए फीस वृद्धि नहीं करने के लिए पाबंद किया है।

जांच में माना दोषी
निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने दोनों स्कूलों को भेजे पत्र में बताया कि दोनों ही स्कूलों ने विद्यालय स्तरीय फीस समिति का गठन नहीं किया। फीस समिति के गठन के लिए कोई पीटीए की मीटिंग भी नहीं की। उन्होंने बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर जब जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच की तो जांच में पता चला कि विद्यालय ने फीस में अत्यधिक वृद्धि की है।

स्कूल नियमों की पालना के लिए बाध्य
निदेशक ने अपने पत्र में बताया कि राज्य में संचालित इस विद्यालय को राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त अनापत्ति के आधार पर ही केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली से सम्बदृधता मिली है। अत: राज्य के नियम अधिनियम की पालना के लिए विद्यालय बाध्य हैं।

तत्काल करें फीस समिति गठित
निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने स्कूल के सचिव को निर्देश दिए हैं कि तत्काल प्रभाव से राजस्थान विद्यालय फीस विनियम अधिनियम 2016 एवं नियम 2017 की पालना करें। साथ ही अभिभावक संगम और विद्यालय स्तरीय फीस समिति का गठन कराएं। दोनों समितियों को नोटिस बोर्ड पर चस्पा करें। अभिभावकों को सूचित करते हुए पोर्टल पर अपलोड कराएं। इसके बाद ही विद्यालय स्तरीय फीस समिति के अनुमोदन अनसार फीस में परिर्वतन किया जा सकेगा।

26 को होगी सुनवाई
निदेशक ने स्कूल को एक बार सुनवाई का अवसर दिया है। सुनवाई 26 अप्रेल को होगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान विद्यालय फीस विनियम अधिनियम 2016 एवं नियम 2017 की पालना नहीं किए जाने पर नियमानुसार विद्यालय की मान्यता रद्द की जा सकती है।