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shocking news : बेटी होने से गुस्साया पिता, सात दिन की मासूम को मारीं पांच गोलियां

murder : चाहता था कि उसका पहला बच्चा लड़का हो
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जयपुर

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Ankita Sharma

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Updated: 11 Mar 2022, 1:21 PM IST

shocking news : बेटी होने से गुस्साया पिता, सात दिन की मासूम को मारीं पांच गोलियां

shocking news : बेटी होने से गुस्साया पिता, सात दिन की मासूम को मारीं पांच गोलियां

आज बेटियां भले ही सफलता की ऊंचाइयां छू रही हैं, लेकिन फिर भी भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों में लोगों को बेटों की चाह है। यही कारण है कि दुनियाभर में हर साल लाखों मासूम बच्चियों की हत्या कर दी जाती है, या फिर उन्हें लावारिस छोड़ दिया जाता है। अब ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है पाकिस्तान से। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मियांवाली शहर में एक हैवान पिता ने अपनी सात दिन की बच्ची को गोलियों से भून डाला। पाकिस्तानी पुलिस ने नवजात की हत्या के आरोप में शाहजेब खान को गिरफ्तार किया है।

बच्चे के चाचा हिदायतुल्ला खान ने बताया कि शाहजेब खान चाहता था कि उसका पहला बच्चा लड़का हो, लेकिन जब बेटी पैदा हुई तो वह काफी गुस्सा हो गया। परिवार ने बच्ची का नाम जन्नत रखा था। सभी ने सोचा कि थोड़े दिनों में सब ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीते दिन शाहजेब घर आया और पत्नी से बच्ची मांगी। पत्नी ने बच्ची शाहजेब की गोद में दे दी, लेकिन बाहर ले जाकर हैवान ने जन्नत पर पांच बार फायर कर दिया। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले के सोशल मीडिया पर आने के बाद पाकिस्तान ही नहीं दुनियाभर के लोग इसपर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कोई इतना क्रूर कैसे हो सकता है। वहीं कुछ ने लिखा यह 2022 है, यहां महिलाएं दुनिया का नेतृत्व कर रही हैं। लेकिन इस घटना को सुनकर हम निराश हैं।

कन्या भ्रूण हत्या में आगे पाकिस्तान

गौरतलब है कि पाकिस्तान में कन्या भ्रूण हत्या व्यापक तौर पर होता है। ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान निम्न स्थान पर है। पिछले दो साल में यहां 500 से अधिक शिशुओं के शव लावारिस मिले हैं। इनमें से ज्यादातर लड़कियां थीं। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि पाकिस्तान में परिवार बेटियां नहीं चाहते, इसका एक प्रमुख कारण शादी में मोटा दहेज देने की परंपरा है। इतना ही नहीं यहां परिवार की प्रतिष्ठा महिलाओं से ही जोड़ी जाती है।

प्रदेश ने उठाए कई बड़े कदम

आपको बता दें कि राजस्थान में कन्या भ्रूण हत्या और परीक्षण रोकने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। इसी के तहत भ्रूण परीक्षण और भ्रूण हत्या की जानकारी देने वाले मुखबिर को तीन लाख रुपए दिए जाते हैं। पहले यह राशि ढाई लाख रुपए थी। प्रदेश में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत मुखबिर योजना को अधिक प्रभावी बनाते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पूर्व में मुखबिर योजना के तहत भ्रूण परीक्षण संबंधी सूचना प्राप्त होने पर तीन किस्तों में ढाई लाख रुपए तक की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाती थी, लेकिन अब सफल डिकॉय ऑपरेशन पर मुखबिर डिकॉय गर्भवती महिला एवं सहयोगी को दो किस्तों में कुल 3 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके सार्थक परिणाम भी प्रदेश में नजर आए हैं।