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किसान पिता के लिए सहपाठी और शिक्षक बने भगवान, सोशल मीडिया के जरिए बेटे का करवा दिया बोनमेरो ट्रांसप्लांट

प्रदेश के इस छात्र की मदद के लिए देशभर के मेडिकल छात्र और शिक्षक आगे आए, मिली नई जिंदगी...
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जयपुर

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Dinesh Saini

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Updated: 16 Oct 2017, 2:34 PM IST

Medical Collage

जयपुर। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे एप्लास्टिक एनीमिया पीडि़त छात्र का बोनमेरो ट्रांसप्लांट सफल हो गया है। उसकी मदद के लिए देश भर के मेडिकल कॉलेज छात्र और शिक्षक आगे आए थे और प्रत्यारोपण के लिए ६ लाख से भी अधिक जुटाए थे। बीमारी के कारण छात्र की पढ़ाई भी बाधित हो गई थी। अब छात्र पहले की तरह पढ़ाई और परीक्षाएं जारी रख सकेगा। प्रत्यारोपण करने वाले एसएमएस अस्पताल के बोनमैरो ट्रांसप्लांट इकाई के हैड और विभागाध्यक्ष डॉ.संदीप जसूजा ने बताया कि प्रत्यारोपण बेहद जटिल था। प्रत्यारोपण देश के प्रमुख केन्द्रों पर भी नहीं हो पा रहा था। प्रत्यारोपण के बाद छात्र का ब्लड ग्रुप पूरी तरह बदल गया है। उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

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यही था सहारा
मेडिकल छात्र राहुल कुमार मोदी ने बताया कि इस एनीमिया में बोनमेरो ब्लड सेल्स नहीं बना पाता। इसका इलाज बोनमेरो ट्रांसप्लांट ही है, जिस पर मोटा खर्च आता है। इसके लिए करीब 22-30 यूनिट ब्लड भी चाहिए होता है। छात्र पहले लीवर संबंधी दवाएं ले रहा था लेकिन करीब दो महीने पहले उसे बीमारी का पता चला।

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इस तरह मिला नया जीवन
चूरू के इस छात्र की मदद के लिए देशभर के मेडिकल छात्र और शिक्षक आगे आए। एप्लास्टिक एनिमिया से पीडि़त उक्त छात्र को बोनमेरो ट्रांसप्लांट की जरूरत थी, लेकिन उसके किसान पिता के पास इतनी राशि नहीं थी। ऐसे में सहपाठियों, अन्य छात्रों व शिक्षकों ने इसका बीड़ा उठाया। छात्रों ने बताया कि पीडि़त की मदद के लिए सहपाठियों ने सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाया गया था, जिसके जरिए देशभर से मेडिकल छात्रों और शिक्षकों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए।