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इस आपदा का क्या करें दस दिन बेफिक्री, तबाही के बाद बैठक

23 अप्रेल से खराब है रडार, आपदा विभाग और कलक्टरों ने नहीं लिया फीडबैक
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जयपुर

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Priyanka Yadav

•

Updated: 5 May 2018, 1:54 PM IST

Jaipur News

जयपुर . राज्य में बुधवार की रात आए तेज तूफान ने राज्य आपदा विभाग को पोल खोल दी है। विभाग के पास दस दिन से मौसम विभाग का अलर्ट नहीं मिल रहा था, बावजूद इसके किसी स्तर पर भी फीडबैक नहीं लिया गया। यहां तक की सामंजस्य के लिए बुलाई गई 24 अप्रेल की बैठक भी बिना कारण निरस्त कर दी। अब तबाही होने पर आनन-फानन में बैठक सोमवार को बुलाई गई है। यह भी सामने आया कि मौसम विभाग के पास प्रदेश के सभी जिलों से मौसम के सटीक अनुमान का सिस्टम ही नहीं है। पत्रिका की पड़ताल के अनुसार मौसम केन्द्र का रडार 23 अप्रेल से ही खराब था। इस बीच 24 अप्रेल को आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग के बीच बैठक भी होने वाली थी। लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया। अब यह बैठक 7 मई को होगी। इस दौरान मौसम चेतावनी दी ही नहीं गई और ना ही आपदा प्रबंधन ने मांगी। रडार से मिलने वाली मौसम बिगडऩे की जानकारी आपदा प्रबंधन व सभी जिला कलक्टरों को जाती है। रडार में हुई गड़बड़ी से यह व्यवस्था बंद पड़ी है। सैटेलाइट इमेज के आधार पर मौसम विशेषज्ञ अनुमान विभाग की वेबसाइट पर अपडेट ही करते हैं। इस अपडेट पर आपदा विभाग ने एक बार भी नजर नहीं डाली।

दोनों विभागों के तर्क

इस मामले में आपदा प्रंबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम की चेतावनी जारी करना मौसम विभाग का काम है, अब सात दिन से सिस्टम खराब था तो मोसम विभाग इसकी जानकारी हमे देता। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली एनसीआर, सेटेलाइट और मौसम विश£ेषण के आधार पर जो सूचना सभी माध्यमों से लगातार भेजी जा रही थी, वो इस दौरान भी भेजी गई। लेकिन इस दौरान आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से कोई संपर्क नहीं किया गया।

दस जिलों तक सीमित

प्रदेश में मौसम तंत्र की जानकारी केवल दस जिलों से आधिकारिक तौर पर आ रही है। विभाग के पास इस समय अन्य जिलों से सूचना ली जा रही है। वहीं जयपुर में लगे रडार से करीब 500 किलोमीटर का दायरे में मौसम का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। अन्य जिलों से पार्ट ऑब्जर्वेशन ही हो पा रहा है। वहीं मौसम केन्द्र के इस रडार के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि 250 किमी के बाद यह भी सटीक पूर्वानुमान नहीं बता पाता।