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राजस्थान की मंडियों में नए जौ की दस्तक, इस साल पैदावार पिछले साल से डेढ़ गुना

राजस्थान की मंडियों में इन दिनों नए जौ की आवक शुरू हो गई है। बगरू, चाकसू, चित्तौड़गढ़ और निम्बाहेड़ा मंडियों में प्रतिदिन दो हजार बोरी नया जौ आ रहा है।
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जयपुर

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Narendra Singh Solanki

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Updated: 8 Mar 2023, 12:54 PM IST

राजस्थान की मंडियों में नए जौ की दस्तक, इस साल पैदावार पिछले साल से डेढ़ गुना

राजस्थान की मंडियों में नए जौ की दस्तक, इस साल पैदावार पिछले साल से डेढ़ गुना

राजस्थान की मंडियों में इन दिनों नए जौ की आवक शुरू हो गई है। बगरू, चाकसू, चित्तौड़गढ़ और निम्बाहेड़ा मंडियों में प्रतिदिन दो हजार बोरी नया जौ आ रहा है। हालांकि अभी नए जौ में नमी बताई जा रही हैं। चित्तौडगढ़ एवं निम्बाहेड़ा का जयपुर डिलीवरी जौ 2300 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास व्यापार कर रहा हैं। मोटा अनाज व्यापारी केजी झालानी का कहना है कि इस साल जौ की पैदावार पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुना हुई है। उन्होंने कहा कि हालांकि जौ की बिजाई तो दोगुनी हुई थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादन तकरीबन डेढ़ गुना ही हुआ है। वर्तमान में बगरू और चाकसू मंडी में जौ के भाव 1900 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल बोले जा रहे हैं। मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश में भी इस बार जौ की फसल बेहतर बताई जा रही है। मध्य प्रदेश की छतरपुर आदि मंडियों में नए जौ की छिटपुट आवक प्रारंभ हो गई है।

यह भी पढ़ें : सरसों की रिकॉर्ड पैदावार, किसानों को नहीं मिल रही कीमत, एमएसपी से नीचे चले गए दाम

गेहूं की कीमतों में तेजी का दौर थमा

इस बीच गेहूं की कीमतों में तेजी का दौर थम गया है। भारतीय खाद्य निगम का गेहूं आटा मिलों में आने से इसकी कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। हालांकि एक-डेढ़ माह के अंतराल में गेहूं ऊंचे भावों से करीब 10 रुपए प्रति किलो सस्ता हो गया है, लेकिन उस अनुपात में आटा, मैदा एवं सूजी के भाव नहीं घटे हैं। जानकारों का कहना है कि केन्द्र सरकार द्वारा गेहूं की बिक्री प्रक्रिया खुले बाजार में प्रारंभ होने से गेहूं की कीमतें निरंतर टूट रही हैं। वर्तमान में दड़ा गेहूं मिल डिलीवरी 2200 रुपए प्रति क्विंटल से भी नीचे जा सकता है। यहीं कारण है कि खपत वाली मंडियों के कारोबारी आटा, मैदा एवं सूजी लेने से पीछे हट गए हैं। उनका कहना है कि ग्राहक घटे भावों पर बिक्री की डिमांड कर रहा है, जबकि हमारे पास ऊंचे पड़ते का गेहूं आया हुआ है।

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