
जयपुर। भाजपा से बागी हुए घनश्याम तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी व मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी का गठबंधन लगभग तय हो गया है। अब इन नेताओं का प्रयास निर्दलीय हनुमान बेनीवाल को साथ लाने का चल रहा है।
विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नए समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा गत दिनों जयपुर आए थे और उन्होंने लोकतांत्रिक मोर्चा का गठन किया था। इसमें सीपीआइएम, सीपीआइ, सीपीआइएमएल, जनता दल सेक्यूलर, समाजवादी पार्टी और एमसीपीएल शामिल हुए थे।
प्रदेश में मोर्चा की अगुवाई सीपीआइएम नेता अमराराम कर रहे हैं। उन्होंने भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी को गठबंधन का प्रस्ताव रखा था, जिसे तिवाड़ी ने मान लिया है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि भारत वाहिनी लोकतांत्रिक मोर्चा में शामिल होगी या नहीं।
बुलाया तो रैली में जाऊंगा
अमराराम से चुनाव साथ लडऩे को लेकर बात चल रही है। गठबंधन या चुनाव की ठीक तरह की तस्वीर दिवाली के बाद ही दिखाई देगी। हम दिवाली के बाद ही उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेंगे। हनुमान बेनीवाल की 29 अक्टूबर की रैली में शामिल होने का निमंत्रण मिला तो बतौर अतिथि उसमें जाने पर विचार कर सकता हूं।
भाजपा-कांग्रेस में बगावत का भरोसा:
अन्य दलों को भाजपा और कांग्रेस में बड़ी संख्या में बगावत का भरोसा है। अन्य दल के नेता बताते हैं कि दोनों ही पार्टियों में टिकट वितरण को लेकर कशमकश चल रही है। साथ ही नेताओं में अब पहले जैसा धैर्य भी नहीं रहा।
माकपा-भारत वाहिनी का असर:
माकपा का सीकर, झुंझुनूं, गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों की कई सीटों पर असर है, वहीं भारत वाहिनी का प्रभाव जयपुर, सीकर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर समेत कुछ अन्य जिलों में देखा जा सकता है।
Updated on:
23 Oct 2018, 8:34 AM IST
Published on:
23 Oct 2018, 8:34 AM IST
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