
बालोतरा। राजस्थान के 19 जिलों में सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से वृद्धाश्रम खोले जाएंगे। स्वयंसेवी संस्थाओं व ट्रस्टों के माध्यम से इन वृद्धाश्रमों का संचालन किया जाएगा। खास बात यह है कि इन 19 में से 15 नवगठित जिलों में ये वृद्धाश्रम खोलना प्रस्तावित है।
राजस्थान सरकार की ओर से ऐसे बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम संचालित किए जाते हैं, जो निराश्रित हों या फिर अपने परिवार सदस्यों के साथ नहीं रहते हैं। इन वृद्धाश्रमों में वृद्धजन अपना जीवन उल्लास से बिता सकें, इसके लिए विभाग स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से इनका संचालन शुरू करेगी।
इनमें प्रवेश के लिए 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के पुरुष तथा 55 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिलाओं को प्रवेश दिया जाएगा। इन केंद्रों का उद्देश्य वृद्ध और अशक्त व्यक्तियों चिकित्सा सेवा, प्रौढ़ शिक्षा, धार्मिक प्रवचन, वर्ष में दो बार धार्मिक स्थलों का भ्रमण आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही इन आश्रमों में निशुल्क चाय, अल्पाहार, भोजन, पत्र-पत्रिकाएं व मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इन जिलों में खुलेंगे वृद्धाश्रम-
राजस्थान में जयपुर ग्रामीण, श्री गंगानगर, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, ब्यावर, दूदू, सलूम्बर, शाहपुरा, डीग, हनुमानगढ़, करौली, केकड़ी, बहरोड़-कोटपुतली, खैरथल, नीमकाथाना, फलौदी, सांचौर, जोधपुर ग्रामीण व भीलवाड़ा जिलों में वृद्धाश्रम खोले जाएंगे। इनमें से श्रीगंगानगर, करौली, हनुमानगढ व भीलवाड़ा के अलावा सभी नवगठित जिले हैं।
इनका कहना है-
सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से 19 जिलों में वृद्धाश्रम खोलने के लिए प्रस्ताव निकाले हैं। इन वृद्धाश्रमों का स्वयंसेवी संस्थाओं या ट्रस्टों के माध्यम से संचालन करवाया जाएगा।
-गंगा चौधरी, जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी बालोतरा।
Published on:
12 Jan 2024, 2:51 PM IST
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