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तूफ़ान अलर्ट! राजस्थान में मंडरा रहे प्राकृतिक संकट को लेकर सरकार हुई अलर्ट, अब विभाग को दिए ये बड़े निर्देश

तूफ़ान अलर्ट! राजस्थान में मंडरा रहे प्राकृतिक संकट को लेकर सरकार हुई अलर्ट, अब दिए ये बड़े निर्देश  
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जयपुर

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rohit sharma

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Updated: 8 May 2018, 7:12 PM IST

dust storm

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जयपुर।

राजस्थान में चल रहे तूफ़ान के अलर्ट के बाद प्रदेश सरकार भी अलर्ट हो गई है। प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के अलर्ट के चलते आपदा प्रबन्ध एवं सहायता मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने मंगलवार को शासन सचिवालय में मानसून पूर्व तैयारियों की राज्यस्तरीय बैठक ली। उन्होंने आपदा प्रबंधन और सम्बंधित विभागों को मानसून आने से पहले अतिवृष्टि होने की स्थिति में सभी आवश्यक तैयारियां दुरूस्त करने के निर्देश दिए।


मानसून विभाग को सटीक सूचना देने के निर्देश

मंत्री कटारिया ने मानसून विभाग को मानसून की सही व सटीक सूचना देने के लिए सभी संयत्रों को ठीक रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले साल पश्चिमी राजस्थान के जालोर, सिरोही और पाली जिले में हुई अतिवृष्टि के दौरान नागरिकों को तुरंत राहत प्रदान करने और उन्हें सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।


अलर्ट को देखते हुए पहले ही तैयारियों के निर्देश

आपदा प्रबन्धन एवं सहायता मंत्री ने ऊर्जा, पीएचईडी, चिकित्सा, पीडब्यूूडी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को आपदा के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही करने के निर्देश दिए। उन्हाेंने आपदा प्रबन्धन मशीनरी को सक्रिय रहने एवं आपदा की स्थिति में आम नागरिकों की कठिनाईयों के त्वरित निराकरण एवं प्रभवित क्षेत्रों में शीघ्र राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए।

अग्रिम तौर पर बाढ़ के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, आवश्यक खाद्य वस्तुओें और दवाईयों का स्टॉक, बाढ़ चेतावनी की सूचना देने की परिपूर्ण व्यवस्था, बचाव दल का मोबिलाइलेशन, बचाव नौकाएं और पम्पसेट आदि सामग्रियों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


बाढ़ की चेतावनी की सूचना पर भी निदेश जारी

कटारिया ने कहा कि अत्यधिक वर्षा से जल प्लावन वाले क्षेत्रों एवं अन्य निचली बस्तियों में जल प्लावन और बाढ़ की स्थिति नहीं हो, इसके लिए अभी से सुरक्षा उपाय और भविष्य की कार्य योजना सुनिश्चित कर ली जाए। साथ ही उन्होंने क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसम्पत्तियों की मरम्मत एवं पुनरूद्धार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को बाढ़ की चेतावनी की सूचना देने की परिपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। बैठक में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, चिकित्सा, ऊर्जा, पीडब्लूडी, पीएचईडी, पशुपालन, पुलिस, सेना, एयरफोर्स और सम्बंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।