
RMSCL took initiative to overcome the shortage of medicines
जयपुर. मेरी पत्नी रेवती का दो साल से लंग कैंसर का इलाज चल रहा है। हर महीने दवाइयां उन्हें लगातार मिल रही थीं। अचानक निजी दुकानों पर यह मिलना बंद हो गईं। इसके बाद कोऑपरेटिव (co-opretive) की दुकान से ये मिल रही थी, लेकिन गुरुवार को यहां से भी इसके लिए मना कर दिया। यह पीड़ा राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (rghs) के तहत इलाज करा रही कोटपुतली की महिला की।
योजना के तहत दवा दुकानों पर आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं...जिनमें मरीज को अचानक यह कहा जा रहा है कि यह दवा अब आरजीएचएस की सूची में शामिल नहीं है। पेंशनर्स का कहना है कि कैल्शियम, आयरन सहित नर्व सिस्टम की दवाओं की उन्हें नियमित जरूरत होती है। लेकिन अब ये दवाइयां मेडिकल स्टोर पर नहीं दी जा रही है। इसके अलावा कुछ दवाओं को सिर्फ भर्ती मरीजों तक भी सीमित कर दिया गया है।
मल्टी विटामिन, स्टेरॉयड सूची से बाहर...
आरजीएचएस अधिकारियों का कहना है कि मल्टी विटामिन, नेेगेटिव सूची में शामिल दवाओं सहित इम्यूनिटी बढ़ाने या सिर्फ काम चलाने के लिए दिए जाने वाले इंजेक्शन और स्टेरॉयड़ दवाओं को सूची में शामिल नहीं किया गया है।
कुछ दवाएं जल्द मिलने लगेंगी
जिम्मेदार अधिकारियों के मुताबिक सॉफ्टवेयर में दवाओं के अपडेट करने का काम चल रहा है। जिसके कारण चंद दवाइयों में परेशानी आ रही है। यह जल्द ही अपडेट होने पर समस्या दूर हो जाएगी।
Published on:
7 Apr 2023, 1:34 PM IST
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