MLA, MP के टिकिट मैं फाइनल कराता हूं, मोबाइल नंबर सर्विलांस पर है.. घर आकर मिलो और सरकारी नौकरी ले लो

प्रदेश के ई एमएलए और एमपी मेरे पास आते हैं। खुद बात करते हैं। टिकिट फाइनल कराने में बड़ा योगदान रहता है मेरा, इस कारण नंबर लगातार सर्विलांस पर बना रहता है।

By: JAYANT SHARMA

Published: 03 Jul 2021, 12:20 PM IST

जयपुर
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवकों से ठगी का एक और केस सामने आया है। इस केस में पीड़ित ने अपने रिश्तेदारों, परिचितों से ब्याज और उधार पर बारह लाख रुपए लिए और उसके बाद नौकरी लगने के सपने देखने लगा। लेकिन जब लिस्टें आउट हो गई और उनमें उसका नाम नहीं दिखा तो सपने चकनाचूर हो गए। आरोपियों से रुपए वापस मांगने गया तो मारपीट कर उसे निकाल दिया। बाद में अब पुलिस की शरण में पहुंचा और पुलिस को पूरी जानकारी देकर आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया है। करधनी पुलिस ने जाचं शुरु कर दी है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, लेकिन जाल में फंस गया
करधनी पुलिस ने बताया कि मंगलम सिटी क्षेत्र में रहने वाला युवक रामकुमार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात योगेश नायक नाम के एक व्यक्ति से हुई। उसने अपने आप को बड़ा ज्ञानी और पहंुचा हुआ व्यक्ति बताया। बातों में फंसाकर योगेश ने रामकुमार को अपने मंदिर में मिलने बुलाया और वहां अपने पिता की फोटो दिखाई जो पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के साथ थी।

उसके बाद कई बड़े अफसरों से फोन पर बात करने का नाटक किया। जिसमें आरपीएएससी के अफसरों के नाम शमिल है। रामकुमार को आरोपी योगेश ने बताया कि सभी उसके दोस्त हैं और सबका काम उसे ही कराना पडता है। व्यवहार ऐसा है कि आपस में किसी को एक दूसरे का नाम तक नहीं बता सकता। योगेश ने रामकुमार को पत्नी से मिलवाया और बताया कि इसे भी जल्द ही आरपीएएसी मेंबर बनवा रहा हूं। रामकुमार उसकी बातों में आ गया और उसके बाद योगेश ने दूसरा खेल शुरु किया।

एमएमए, एमपी के टिकट फाइनल कराता हूं, इसलिए नंबर नहीं दे सकता, हमेशा सर्विलांस पर रहता है नंबर
आरोपी योगेश की बातों में आने के बार रामकुमार ने बताया कि वह भी सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहा है। तो योगेश ने कहा कि तैयारी करने की जरुरत नहीं है। मेरे पास आ गए हों अब आप। योगेश को रामकुमार ने बताया कि उसने पिछले दिनों कृषि सहायक भर्ती की परीक्षा दी थी। इस पर योगेश ने कहा कि मैं इसी भर्ती में काम करा दूंगा लेकिन बारह लाख रुपए लग जाएंगे। लेकिन शर्तिया काम हो जाएगा और इस बारे में योगेश ने रामकुमार को पांच साफ रुपए के स्टांप पर गारंटी तक लिखकर दे दी।

योगेश के नंबर जब रामकुमार ने मांगे तो योगेश ने फोन नंबर नहीं दिए। उसने कहा कि प्रदेश के ई एमएलए और एमपी मेरे पास आते हैं। खुद बात करते हैं। टिकिट फाइनल कराने में बड़ा योगदान रहता है मेरा, इस कारण नंबर लगातार सर्विलांस पर बना रहता है।

मैं फोन से किसी से भी बात नहीं करता। योगेश की बातों में आकर रामकुमार ने उसे पहले आठ लाख और बाद में चार लाख रुपए दे दिए। लेकिन उसके बाद भी नौकरी नहीं लगी तो शिकायत करने घर पहुंचा। घर जाने पर पत्नी और योगेश ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कर रही है।

JAYANT SHARMA Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned