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Rajasthan Congress : ‘स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर’, विश्वेन्द्र सिंह के 10 तीखे बयान- कांग्रेस से बर्खास्त होने की लटकी तलवार!

Vishvendra Singh Congress Resign Update : कांग्रेस छोड़ने के बाद पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के 10 तीखे बयान सामने आए हैं। उन्होंने डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी पर निशाना साधा है।
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vishvendra singh resigns from congress rajasthan political crisis 3

vishvendra singh resigns from congress rajasthan political crisis 3

राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस पार्टी के भीतर जारी घमासान के बीच दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के बयानों ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। पार्टी से अपने इस्तीफे के संकेत देने और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले विश्वेंद्र सिंह ने एक के बाद एक कई तीखे और गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इन बयानों से राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

आइए जानते हैं विश्वेंद्र सिंह के वे 10 बड़े बयान, जिन्होंने राजस्थान कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं-

1. भरतपुर-डीग में कांग्रेस की हार और जिलाध्यक्षों पर हमला

  • बयान: ''भरतपुर-डीग कांग्रेस का बंटाधार - जिम्मेदार कौन? नगर निकाय में कांग्रेस की हार का एक ही कारण है - दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे और असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया। जनता ने सबक सिखा दिया।

2. डोटासरा और स्थानीय नेतृत्व पर करारा तंज

  • बयान: ''पहले निकाय चुनावों में जनता को इन लोगों ने कब्र में दफ़नाया था, लेकिन जनता भी तैयार बैठी है। इस बार चुनाव में जनता इन दोनों जिलाध्यक्षों और इनको बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को उसी कब्र में दफनाने के लिए तैयार है।''

3. सीएम के गृह जिले में पार्टी की दुर्दशा पर सवाल

  • बयान: ''ये सीएम का गृह जिला है, यहाँ कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी, पर इन लोगों ने पार्टी को डुबो दिया और प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है। जब तक ये दोनों कुर्सी पर हैं, कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। प्रदेश नेतृत्व होश में आओ!''

4. आरएएस भर्ती और परिवारवाद को लेकर गंभीर आरोप

  • बयान: ''श्रीमान डोटासरा जी की हकीकत : 2018 में भर्ती 2016 में डोटासरा जी की पुत्रवधू प्रतिभा पूनिया और पुत्रवधू के भाई गौरव पूनिया, बहिन प्रज्ञा पूनिया को इंटरव्यू में सभी रिश्तेदारों को समान अंक दिये गये। प्रतिभा पूनिया आरएएस-2016 में चयनित हुई, गौरव पूनिया व प्रज्ञा पूनिया 2018 में चयनित हुए। सत्ता का दुरुपयोग करके साक्षात्कार में अंक दिलाये गये, सभी के समान अंक आना गंभीर संदेह पैदा करता है। साथ ही डोटासरा जी के पुत्र अविनाश सिंह का 2016 में आरएएस में चयन हुआ, उसमें ओबीसी प्रमाण पत्र नॉन क्रीमी लेयर का बनवाकर लाभ लिया गया। डोटासरा के समधी रमेश चंद पूनिया भी क्रीमी लेयर होते हुए उनके बच्चों को ओबीसी का लाभ दिलाया गया। इन सब की गहनता से जांच होनी चाहिए।''

5. रीट परीक्षा की धांधली पर उच्च स्तरीय जांच की मांग

  • बयान: ''डोटासरा जी के शिक्षा मंत्री रहते हुए रीट (REET) परीक्षा में बड़ी धांधली हुई जिससे गरीब किसानों के मेहनती बच्चों का भविष्य गर्त में धकेल दिया गया। मैं वर्तमान सरकार और मुख्यमंत्री जी से निवेदन करता हूँ कि डोटासरा जी के विरुद्ध गहनता से जांच कर कार्यवाही करें जिससे कि युवाओं का भरोसा सरकार के प्रति कायम रहे।''

6. बयाना के विवादित बयान और स्वागत पर कटाक्ष

  • बयान: ''डोटासरा जी ने बयाना में स्वर्गीय बृजेन्द्र सिंह जी के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में कहा था कि 'भरतपुर में तो रास्ता पूछने के भी पैसे ले लेते हैं' तो भरतपुर की जनता जनार्दन के इस अपमानजनक वक्तव्य पर मेरा कहना है कि अगली बार डोटासरा जी भरतपुर पधारें आपको रास्ता भी बताया जाएगा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान जी से बढ़िया स्वागत-सत्कार भी किया जाएगा।

7. भ्रष्ट नेताओं के इस्तीफे या निष्कासन की मांग

  • बयान: ''ऐसे भ्रष्ट नेताओं को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे देना चाहिए या कांग्रेस पार्टी के आलाकमान को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करके इन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए।''

8. निकाय चुनाव के टिकट वितरण पर सवाल

  • बयान: ''डीग जिला अध्यक्ष ने डीग के 40 वार्डों में से 5 वार्ड में टिकिट का वितरण किया, गलत टिकिट वितरण के कारण पांचों वार्डों के परिणाम की शर्मनाक स्थिति इस प्रकार है। इस शर्मनाक परिणाम पे मंथन करने के वजह डीग जिला अध्यक्ष कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की बड़बारी कर रहा है।''

9. ''चापलूसी की परंपरा के कारण आक्रोश ''

  • बयान: ''आदरणीय अध्यक्ष महोदय, मैंने जीवन मे हमेशा मेरे इष्ट गिरिराज महाराज और अंतरात्मा की आवाज़ सुन कर ही फैसला लिया है आज कुछ छुटभैये तथाकथित नेताओं ने जो अनर्गल बयान दिए हैं उस से मेरे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है, मेरा भी अन्तर मन दुखी और व्यथित है जिस पार्टी के लिए मैंने मेरा जीवन न्यौछावर कर दिया आज उसी पार्टी ने यदि मेरी निष्ठा, ईमानदारी, कर्तव्य परायणता का यह सिला दिया तो मैं अंदर से बहुत हिल गया हूं, मैंने हमेशा मान, सम्मान और स्वाभिमान से जीवन जिया है मेरे उसूल और आदर्शों से कभी कोई समझौता नहीं किया, मेरे कार्यकर्ताओं में मौजूदा चापलूसी की परंपरा के कारण आक्रोश है, यदि सच को सच कहना, गलत और झूंठ का साथ नहीं देना पाप है तो मैं इसको हर बार करूंगा, मैं ना गलत करता हूं न ही गलत सहन करता हूं।''

10. "स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर"

  • बयान: ''मेरा सार्वजनिक जीवन जनता जनार्दन की देन है, मैं इनके लिए ही जीता हूं और इनके लिए ही मरूंगा, मेरे खून का हर कतरा मेरे कार्यकर्ताओं, मेरे मतदाताओं, मेरे क्षेत्र वासियों, प्रदेश वासियों के लिए बहा है, और बहेगा, मेरा सार्वजनिक जीवन खुली किताब है, बेदाग है, मैंने मेरे दामन पर कभी दाग न तो लगने दिया और ना ही लगने दूँगा, ऐसी परिस्थिति में दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर है, मेरे पुरखों ने कभी ऐसी चीजों से कभी समझौता नहीं किया उनका अनुसरण करते हुए मैं भी आपको अलविदा कहने में ही अपनी भलाई समझता हूं, मैं शायद अब आपकी गलत रीति नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाउंगा!''

निष्कासन की सुगबुगाहट और दिल्ली तक रिपोर्ट

विश्वेंद्र सिंह के इस इस्तीफे से ठीक पहले राजनीतिक गलियारों में इस बात की तेज चर्चाएं थीं कि प्रदेश कांग्रेस स्तर से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से उनकी लगातार पार्टी विरोधी बयानबाजी और स्थानीय नेतृत्व पर उठाए जा रहे सवालों की शिकायतें लगातार दिल्ली तक पहुंच रही थीं।

भरतपुर और डीग जिलों के जिला अध्यक्षों की ओर से भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी गई थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि पार्टी के भीतर रहकर संगठन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यह भी चर्चा थी कि पार्टी नेतृत्व उन्हें अनुशासनहीनता के आधार पर निष्कासित करने का मन बना चुका है।