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गजेंद्रसिंह शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर वसुंधरा राजे के मंत्री पुत्र की टिप्पणी चर्चा में! पढ़े रिपोर्ट

सत्तारूढ़ भाजपा में ढाई माह से प्रदेशाध्यक्ष नहीं, चर्चा में वसुंधरा राजे के मंत्री पुत्र की टिप्पणी!  
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जयपुर

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rohit sharma

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Updated: 29 Jun 2018, 5:59 AM IST

जयपुर ।

राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी खींचतान के चलते अशोक परनामी के त्यागपत्र के ढाई माह बाद भी प्रदेशाध्यक्ष तय नहीं पाई है। प्रदेशाध्यक्ष को लेकर सोशल मीडिया पर आए दिन खड़े हो रहे विवादों से पार्टी की किरकिरी हो रही है। वसुंधरा सरकार के मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह की केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष बनाने की मांग संबंधी टिप्पणी तूल पकड़ रही है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार गजेंद्र सिंह खींवसर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विश्वस्त मंत्रियों में माने जाते हैं और मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्री शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष बनाने का विरोध कर रही हैं। उनके विरोध के चलते ही केंद्रीय नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष की अभी तक घोषणा नहीं कर पाया है। हालांकि मंत्री के बेटे की टिप्पणी पुरानी बताई जा रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर समर्थन की टिप्पणियों के चलते तूल पकड़ती जा रही है। इससे पहले प्रदेशाध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे केद्रीय मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल के रवि शेखर ने गजेंद्र सिंह शेखावत को राजस्थान के जातिगत समीकरणों का हवाला देते प्रदेशाध्यक्ष के लिए अनफिट बताकर विवाद खड़ा कर दिया था।

सोशल मीडिया पर गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्ति की कई बार बधाइयां भी दे चुकी है। भाजपा नेता देवी सिंह भाटी गजेंद्र सिंह शेखावत तथा डॉ. अर्जुनराम मेघवाल दोनों को प्रदेशाध्यक्ष के लिए अयोग्य बता चुके हैं।

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याद आया चुनावी घोषणा पत्र

राज्य की भाजपा सरकार को इस कार्यकाल के आखिरी साल में चुनाव घोषणा पत्र याद आया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अधिकारियों से विभागवार घोषणा पत्र की पालना रिपोर्ट मांगी है, ताकि घोषणा पत्र के क्रियान्वयन को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा सके। इस कवायद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 7 जुलाई को प्रस्तावित जयपुर यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है।