18 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गर्दन मरोड़कर हत्या कर दी…. हाथ पैर तोड़ दिए…. शव जलाने से पहले कफन हटाया तो हुआ बड़ा खुलासा

कोर्ट की दखल के बाद अब शिप्रापथ थाना पुलिस ने हत्या, मारपीट, अपहरण और सबूतों को नष्ट करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
2 min read
Google source verification
,

Drugs, Rape murder : सनसनीखेज : ड्रग्स देकर प्रेमिका से बलात्कार, ब्लडिंग के बाद मौत,Drugs, Rape murder : सनसनीखेज : ड्रग्स देकर प्रेमिका से बलात्कार, ब्लडिंग के बाद मौत


जयपुर
पत्नी ने अपने परिवार के साथ मिलकर पति को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। शव को जलाने से ठीक पहले जब पति के छोटे भाई ने शव की हालत देखी तो दहल गया। उसने पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस भी नहीं पहुंची। उसके बाद शव को जला दिया गया। भाई का आरोप है कि भाभी और परिवार के अन्य लोगों ने भाई के हाथ पैर तोड़कर गर्दन मरोड़ दी। अस्पताल में भी पहुंचे लेकिन अस्पताल प्रशसन ने मामले को दबाने की कोशिश की। कोर्ट की दखल के बाद अब शिप्रापथ थाना पुलिस ने हत्या, मारपीट, अपहरण और सबूतों को नष्ट करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

भाई बोला.... सात दिन पहले बात हुई थी तब तो सही थी भाई...
शिप्रापथ थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बताया कि अजमेर निवासी मनीष ने केस दर्ज कराया है। मनीष ने पुलिस को बताया कि जुलाई के महीने का पूरा घटनाक्रम है। भाई जितेन्द्र की शादी के बाद से वह परेशान चल रहे थे। जुलाई के महीने में उन्हें जयपुर ले जाया गया । जयपुर में शिप्रापथ में स्थित एक बड़े निजी अस्पताल में उनको भर्ती कराया गया। वहां से भाई के दोस्त का फोन आया कि भाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह अपने ससुराल वालों और पत्नी के साथ नहीं जाना चाहते हैं। तुम आकर देख लो एक बार। मनीष ने पुलिस को बताया कि वह अस्पताल आने के लिए रवाना हो गया और कुछ देर बाद ही भाई के दोस्त का फोन आया कि उसकी मौत हो चुकी है और शव को ससुराल वाले ले जा रहे हैं। उसके बाद फोन बंद हो गया। मनीष ने पुलिस को बताया कि वह अजमेर से जब तक जयपुर आया तब तक भाई के शव को भाभी और उसके परिवार वाले सीकर ले गए। वहां पहुंचा तो वहां पर उनको जलाने की कोशिश की जा रही थी।

कफन हटाया तो भाई का शव निकला, गर्दन टूटी हुई थी.... हाथ पैर लटके हुए थे
मनीष ने पुलिस को बताया कि बड़े भाई से जुलाई में बात हुई थी। पूरी तरह से स्वस्थ थे। लेकिन जब पता चला कि सात दिन बाद ही अस्पताल में भर्ती हो गए और जान भी चली गई तो धक्का लगा। सीकर भाई के ससुराल वालों यहां पहुंचा तो पता चला कि जब मोक्षधाम में शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कफन हटाया गया तो भाई को आखिरी बार देखा। पता चला कि गर्दन टूटी हुई और एक ओर लटकी हुई है। पैरों और हाथों में बांधने की तरह पडने वाले नील के निशान हैं और पैर एवं हाथ भी वहीं से टूटे एवं लटके हुए हैं। मनीष ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी लेकिन वे लोग नहीं पहुंचे। मनीष ने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन पर मिली भगत का आरोप लगाते हुए अब केस दर्ज कराया है। पुलिस ने जितेन्द्र की पत्नी ससुराल पक्ष के अन्य लोगों समेत आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।