
जैसलमेर. जिले के दांतल गांव में गत दिनों लोक कलाकार की हत्या व दबंगों की ओर से कथित तौर पर पीडि़त परिवार को मामला वापिस लेने के लिए धमकाने के बाद मांगणियार परिवारों की ओर से गांव छोडऩे के मामले में पुलिस का अलग बयान सामने आया है। पुलिस अधीक्षक गौरव यादव के अनुसार इस घटना से गांव में दो पक्षों के के बीच में ऐसा कोई विवाद होना पुलिस की जांच में नहीं पाया गया है। उनके अनुसार पीडि़त पक्ष ने अपनी मर्जी से ही भय की आशंका से गांव छोड़ा है, वहीं पीडि़त पक्ष को धमकाने वाली बात अभी तक जांच में नहीं पाई गई है। पुलिस अधीक्षक यादव के अनुसार पीडि़त पक्ष को प्रकरण दर्ज होने के दिन से ही लगातार पुलिस सुरक्षा दी गई थी और पुलिस एवं दांतल गांव के मौजीज लोगों की ओर से पीडि़त पक्ष को गांव नहीं छोडऩे के लिए लगातार समझाइस की जा रही है।
शव निकालकर करवाया था पोस्टमार्टम
करीब एक पखवाड़े पूर्व दांतल गांव में लोक कलाकार की मौत का मामला सामने आया था। आरोप है कि गत 27 सितम्बर को रात्रि में करीब 10 गांव दांतल में देवी के रात्रि जागरण के दौरान भोपा रमेश सुथार ने उसी गांव के गायक कलाकार अहमद खां के साथ विवाद को लेकर मारपीट की गई, जिससे अहमद खां के चोटे लगने से मौत हो गई। परिवारजनों व ग्रामीणों ने सामान्य मौत समझकर दफना दिया, लेकिन चार दिन बाद उसके भाई की ओर से गांव के ही कुछ लोगों के विरुद्ध मारपीट कर हत्या करने का मामला दर्ज करवाया गया व लोक कलाकार अहमदखां के परिवार व गांव के मंगणियार समाज के लोगों की ओर से एसपी के समक्ष उपस्थित होकर मामले की निष्पक्ष जांच करने, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने व सभी परिवारों को सुरक्षा दिलाने की मांग की गई। गत 4 अक्टूूबर को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में शव को निकालकर मेडिकल बोर्ड से उसका पोस्टमार्टम करवाया गया। आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर वाहन जब्त किया था।
अब तक नहीं लौटे मंगणियार परिवार
लोक कलाकार अहमदखां की मौत पर मारपीट व हत्या का मामला दर्ज करवाने के बाद कथित तौर पर गांव के दबंगों की ओर से पीडि़त परिवार को मामला वापिस लेने का दबाव बनाने, उन्हें धमकियां देने व ग्रामीणों की ओर से मंगणियार समाज के लोगों से संबंध नहीं रखने की चेतावनी के बाद गांव में निवास कर रहे सभी 15 मंगणियार समाज के लोग मंगलवार को अलसुबह अपने घर व गांव छोडक़र अन्यत्र चले गए, जो अब तक नहीं लौटे हैं। आज भी मंगणियार मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा है। उनके मकानों के ताले लगे रहे। पलायन कर रहे मिरासी समाज के लोग इन दिनों जैसलमेर के हनुमान चौराहे पर बने रैन बसेरे में आश्रय लिए हुए हैं।
Published on:
12 Oct 2017 10:04 am
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