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अस्पताल की मोर्चरी के आगे लगे गंदगी के ढेर, जिम्मेदार बेपरवाह

पोकरण के जिला अस्पताल की मोर्चरी के आगे लगे गंदगी व कचरे के ढेर स्वच्छता अभियान की पोल खोलते नजर आ रहे है। मोर्चरी के आगे गंदगी के ढेर इस कदर लगे है कि मानो महिनों से यहां कचरा उठाया नहीं गया हो। साथ ही बायोवेस्ट के हालात इससे भी बद्तर है। जबकि जिम्मेदार उदासीन बने हुए है।
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जैसलमेर

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Deepak Soni

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Updated: 1 Jul 2023, 6:50 PM IST

अस्पताल की मोर्चरी के आगे लगे गंदगी के ढेर, जिम्मेदार बेपरवाह

पोकरण. मोर्चरी के आगे लगे कचरे व गंदगी के ढेर।

पोकरण. सरकार की ओर से भले ही स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपए की राशि खर्च कर आमजन को जागरुक करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही कई तरह के अभियान भी चलाए जा रहे है, लेकिन पोकरण के जिला अस्पताल की मोर्चरी के आगे लगे गंदगी व कचरे के ढेर स्वच्छता अभियान की पोल खोलते नजर आ रहे है। मोर्चरी के आगे गंदगी के ढेर इस कदर लगे है कि मानो महिनों से यहां कचरा उठाया नहीं गया हो। साथ ही बायोवेस्ट के हालात इससे भी बद्तर है। जबकि जिम्मेदार उदासीन बने हुए है। गौरतलब है कि पोकरण के राजकीय जिला चिकित्सालय के पीछे मोर्चरी बनाई गई है। इसके पास ही बायोवेस्ट बना हुआ है। अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था पहले से ही बिगड़ी हुई है। हर जगह गंदगी के ढेर लगे रहते है। अस्पताल की सफाई के बाद कचरा व गंदगी मोर्चरी के आगे लाकर डाल दी जाती है। जिसकी कभी सफाई नहीं होती है। हर समय यहां गंदगी व कचरे का ढेर लगा रहता है। जिसके कारण मोर्चरी में किसी व्यक्ति के पोस्टमार्टम के दौरान उनके परिजनों, अन्य लोगों व पुलिस का यहां खड़े रह पाना भी मुश्किल हो जाता है। दुर्गंध के कारण आमजन को परेशानी हो रही है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
बायोवेस्ट का नहीं हो रहा उपयोग
मोर्चरी के पास ही बायोवेस्ट बनाया गया है। अस्पताल में उपयोग के बाद इंजेक्शन, ड्रिप चढऩे के बाद खाली बोतलें, मरहम पट्टियां आदि इसमें डालकर जलाने का प्रावधान होता है। जबकि इसका वर्षों से उपयोग ही नहीं हुआ है। देखरेख व सारसंभाल के अभाव में बायोवेस्ट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर जर्जर होता जा रहा है। यहां लगाया गया टिनशेड भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां लगे गंदगी के ढेर से दुर्गंध के कारण पास जाना भी मुश्किल हो गया है।