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JAISALMER #KHULKEKHELOHOLI- उल्लास से सराबोर स्वर्णनगरी में बिखरे खुशियों के रंग

- जिले भर में हर्षोल्लास से मनाया होली पर्व
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जैसलमेर

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Jitendra Kumar Changani

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Updated: 4 Mar 2018, 8:57 PM IST

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उत्साहित नजर आए विदेशी मेहमान भी, सोनार दुर्ग में सजा बादशाह-शहजादा का दरबार
जैसलमेर. यहां चहुंओर उल्लास से परिपूर्ण माहौल था तो फिजां में खुशियों की महक से पर्व का उत्साह दुर्गना हो गया। स्वर्णगरी सहित समूचे जैसलमेर जिले में होली पर्व उत्साह के माहौल में मनयाया गया। धुलंडी से एक दिन पूर्व शहर के गली-मोहल्लों सहित गांवों में परम्परागत रूप से होलिका दहन किया गया। इस दौरान परंपरागत फाग गीत गाए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली पर्व पर उत्साह व मस्ती का माहौल देखने को मिला। सोनार किले में इस साल भी परंपरागत रूप से बादशाह-शहजादे का स्वांग रचा गया। पो फटते ही शहर के गली-मोहल्लों में होली की धमचक शुरू हो गई। फाग गीत गाते हुए युवाओं की टोलियां रंग लिए रवाना हुई। स्थानीय बाशिंदे ही नहीं बल्कि देसी-विदेशी पर्यटक भी होली के रंग में रंगने से खुद को नहीं रोक पाए। होली के मौके पर पुष्करणा ब्राह्मïणों की परम्परागत गैरें भी निकली। दुर्ग व चैनपुरा से रवाना हुई ये गैरें मंदिर पैलेस पहुंची, जहां परंपरागत रूप से फाग गीत गाए गए। जैसलमेर में होली के मौके पर युवाओं में उत्साह ऐसा था कि कई युवा स्वांग बनकर लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने हुए थे। महिलाएं, पुरूष, बूढ़े, बच्चे, बालक व बालिकाएं सभी होली के रंग में डूबे हुए नजर आए। होली पर्व पर शहर के मुख्य बाजारों में रौनक देखते ही बनती थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया होली का रंग भी जमता गया।
रवि व्यास बादशाह व शहजादा बने
सोनार दुर्ग में इस बार भी बादशाह व शहजादे का दरबार लगाने की परंपरा का निर्वहन किया गया। स्वांग को देखने शहर के कोने-कोने से लोग सोनार दुर्ग के व्यास पाड़ा में एकत्रित हुए। इस अवसर पर रवि व्यास बादशाह बने, जबकि शहजादा बने। सिंहासन पर बैठे बादशाह व शहजादे की जयकारे के रूप में बादशाही बरकरार, शहजादा सलामत के उद्घोष व उनके सामने ढोल की थाप पर लयबद्ध तरीके से फाग गीत गाते गेर रसियों ने वातावरण में अनोखा समां बांध दिया। बादशाह व शहजादे की सवारी दुर्ग के विभिन्न मोहल्लों से होती हुई लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंची।