
मृतक राजेश मेघवाल (पत्रिका फोटो)
Jaisalmer Central Cooperative Bank: जैसलमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में पिछले 16 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारी राजेश मेघवाल (35) की जोधपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अचानक नौकरी से निकाले जाने के कारण राजेश गंभीर डिप्रेशन में आ गया था, जिससे उसकी जान चली गई। घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग गुरुवार को शव लेकर सीधे बैंक परिसर पहुंचे और बैंक प्रबंधन व एमडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मृतक के रिश्तेदार ओमप्रकाश ने बताया कि राजेश कुमार पिछले 16 साल से बैंक में अपनी सेवाएं दे रहा था और उसके पूरे परिवार का पालन-पोषण इसी नौकरी पर निर्भर था। बैंक प्रशासन ने 27 जुलाई को अचानक आदेश जारी कर राजेश समेत 11 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 28 जुलाई को राजेश ने बैंक पहुंचकर अधिकारियों के सामने नौकरी पर बनाए रखने की गुहार भी लगाई, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी।
नौकरी जाने के सदमे से राजेश का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और उसने खाना-पीना छोड़ दिया। 29 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे जवाहिर अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उसे जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बेहद दुखद पहलू यह रहा कि 12 दिन पहले ही राजेश की दादी का निधन हुआ था। गुरुवार को घर में दादी का 'बारहवां' था, लेकिन उसी दिन पोते का शव घर पहुंचने से परिवार में कोहराम मच गया।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समर्थकों ने बैंक प्रबंधन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर अपने चहेतों को बचा लिया और वर्षों से निष्ठा से काम कर रहे कर्मचारियों को निकाल दिया। समाचार लिखे जाने तक बैंक परिसर में प्रदर्शन जारी था और लोग दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग पर अड़े हुए थे।
बैंक प्रशासन ने जिन 11 कर्मचारियों को हटाया है। उनमें कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील गोपा, लालचंद, प्रकाशदान, लाधूदान, रज्जब खां और सहायक कर्मचारी मूल सिंह, जोरु खां, जालम सिंह, विमला सिसोदिया, कमलाराम तथा मृतक राजेश मेघवाल शामिल हैं।
Updated on:
30 Jul 2026 02:48 pm
Published on:
30 Jul 2026 02:48 pm
