रामदेवरा. गुजरात के मोडासा से आए पांच हजार से अधिक पदयात्रियों ने शुक्रवार को बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। देश में अमन, चैन व खुशहाली की प्रार्थना को लेकर गुजरात के मोडासा से पांच हजार से अधिक पदयात्री 18 दिनों में अपनी यात्रा पूरी कर रामदेवरा पहुंचे। सभी श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते गाते बाबा रामदेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इससे पूर्व पोकरण रोड, फलोदी रोड, रेलवे स्टेशन, वीआईपी रोड से एक कलश यात्रा भी निकाली गई। इन संतों की ओर से गांव में सत्संग सहित कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवक से गांव में रेलमपेल देखने को मिली। संघ के साथ आए धनगिरी बापू, महेशगिरी बापू, रामगिरी बापू, दशरथभाई, जयेन्द्रभाई, भरतसिंह, मणिभाई का परमेश्वर खत्री, राजेन्द्र खत्री, चुतरसिंह ने स्वागत किया।
भगवान लेते हैं अवतार
गांव की धर्मशाला में सत्संग का आयोजन किया गया। मोडासा से आए संत धनगिरी बापू ने कहा कि जब-जब भी धरती पर पाप की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते हैं तथा लोगों के कष्टों का निवारण करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार है। उन्होंने भैरव राक्षस का वध कर लोगों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। सत्संग में अन्य संतों ने भी प्रवचन किए। चुतरसिंह परमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।