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राजस्थान: जैसलमेर में 500 शिक्षकों की सैलरी रुकी, बोले- जल्द वेतन जारी नहीं किया तो करेंगे प्रदर्शन

शिक्षकों का वेतन रुकने से आर्थिक संकट गहरा गया है। पीडी अकाउंट अनियमितता और बजट की कमी से भुगतान में देरी होना बताया जा रहा है। शिक्षकों ने प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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जैसलमेर

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Arvind Rao

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Updated: 24 Apr 2026, 10:16 AM IST

Rajasthan Salaries of 500 Jaisalmer Teachers Delayed Protest Warning

जैसलमेर में 500 शिक्षकों का वेतन अटका (पत्रिका फाइल फोटो)

जैसलमेर: सीमावर्ती जिले के सम ब्लॉक में कार्यरत करीब 500 शिक्षकों के लिए इस बार की 'मार्च क्लोजिंग' भारी मुसीबत लेकर आई है। तकनीकी खामियों, पीडी अकाउंट में अनियमितता और बजट आवंटन में देरी के चलते शिक्षकों का वेतन अटक गया है।

बता दें कि इस वित्तीय संकट ने उन शिक्षकों की कमर तोड़ दी है, जिनकी बैंक किश्तें (EMI) महीने की शुरुआत में ही देय होती हैं। जिले के विभिन्न ब्लॉकों में लगभग एक हजार शिक्षकों का वेतन पीडी खाते के माध्यम से संचालित होता है।

विभागीय स्तर पर लेजर मैनेजमेंट में गड़बड़ी और समय पर बजट उपलब्ध न होने के कारण मार्च महीने का भुगतान अधर में लटक गया। आमतौर पर वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर प्रक्रियाएं सुचारू होनी चाहिए, लेकिन यहां प्रशासनिक सुस्ती शिक्षकों पर भारी पड़ रही है।

सिबिल स्कोर और पेनाल्टी का डर

वेतन न मिलने से सबसे अधिक प्रभावित वे शिक्षक हैं, जिन्होंने होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है। अधिकांश बैंकों की ईएमआई 5 से 10 तारीख के बीच कटती है। खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण शिक्षकों को अब भारी पेनाल्टी शुल्क और सिबिल स्कोर खराब होने की चिंता सता रही है।

पीड़ित शिक्षकों की व्यथा

  • भवानी शंकर (राउप्रावि जामड़ा): इनके होम लोन और पर्सनल लोन की किश्तें 7 तारीख को ड्यू हो चुकी हैं।
  • नीलम मीणा (राउप्रावि जामड़ा): इनका पर्सनल लोन 6 तारीख को जमा नहीं हो पाया।
  • गोपाल राम (राउप्रावि मकने का तला): इनकी ईएमआई 5 तारीख को ही बाकी हो गई है।

शिक्षक संगठनों में रोष, प्रदर्शन की चेतावनी

वेतन में देरी को लेकर शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विवेकानंद शिक्षक संघ युवा के जिलाध्यक्ष कंवराज सिंह सांखला ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडी खाते वाले शिक्षकों को बार-बार इस तरह की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।

विभाग की कार्यप्रणाली के कारण शिक्षक कर्जदार बन रहे हैं। यदि जल्द ही बजट आवंटित कर वेतन जारी नहीं किया गया, तो संगठन जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होगा। -कंवराज सिंह सांखला

फिलहाल, शिक्षक इस उम्मीद में हैं कि विभाग अपनी नींद से जागेगा और उनके खातों में जल्द ही मेहनत की कमाई पहुंचेगी, ताकि वे बैंक के अतिरिक्त शुल्कों से बच सकें।