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सरहदी जिले में ऐसे आएगी डीजिटल क्रांति, शुरू की यह कवायद

गांवों में डिजिटल क्रांति का मार्ग हो रहा प्रशस्त- सीमावर्ती जिले की सभी ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड सेवाओं से जोडऩे की कवायद तेज
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जैसलमेर

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Jitendra Kumar Changani

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Updated: 9 Dec 2017, 10:19 PM IST

Jaisalmer patrika

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- दो ब्लॉकों में ओएफसी बिछाने का काम पूरा
- सम ब्लॉक के लिए सर्वे प्रगति पर

जैसलमेर . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ का सपना साकार करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। इसके अंतर्गत देश के सबसे विशाल भू-भाग वाले जिलों में शुमार जैसलमेर की सभी 140 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2019 तक ब्रॉडबैंड सेवाओं से जोडऩे का काम द्रुत गति से चल रहा है। पहले चरण में जैसलमेर और सांकड़ा की सभी पंचायतों में सर्वे के बाद ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने का काम करवाया गया है। इन दो ब्लॉकों के करीब 48 पंचायत मुख्यालय ब्रॉडबैंड के माध्यम से तेज गति के इंटरनेट से संबद्ध भी हो चुके हैं। परियोजना के दूसरे चरण में अब सम ब्लॉक की 52 ग्राम पंचायतों में ओएफसी बिछाने के लिए सर्वे करवाया जा रहा है।
बदल जाएगा समूचा परिदृश्य
स्थानीय बीएसएनएल कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लि. (बीबीएनएल) के जोधपुर स्थित महाप्रबंधक तथा जैसलमेर जिले की मोनेटरिंग कर रहे पंकज भंडारी ने बताया कि ब्रॉडबैंड सेवाओं से ग्राम पंचायतों के जुड़ जाने से सरकारी सेवाओं के साथ आमजन के जीवन से जुड़ी सारी तस्वीर बदल जाएगी। उनके अनुसार इसके जरिए पंचायतों पर 2 से 100 एमबीपीएस की गति से इंटरनेट सुविधा का मार्ग प्रशस्त होगा तथा सरकारी योजनाओं की निगरानी देश की राजधानी से सीधे ग्राम पंचायत तक आईटी के माध्यम से हो सकेगी।
कुछ पंचायतों के लिए सेटेलाइट
भंडारी के अनुसार जिले के सम ब्लॉक में आने वाली ग्राम पंचायतें इतनी दूरस्थ हैं कि, उन सभी के लिए ओएफसी लाइन बिछाना संभव नहीं होगा। इसके लिए ऐसी करीब चार-पांच पंचायतों को सेटेलाइट के माध्यम से जोड़ा जाएगा। अत्यंत खर्चीली इस ओएफसी लाइन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किया जा रहा है। भविष्य में कोई निजी कम्पनी भी इस लाइन को लीज पर लेकर इस्तेमाल कर सकेंगी। इससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। महाप्रबंधक के अनुसार राजस्थान की 8164 पंचायतों में से करीब 7000 में ओएफसी लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अजमेर जिला इसमें अव्वल है, जबकि कुछ जिलों में अभी कार्य कई कारणों से अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ सका। बीबीएनएल के पास मानव संसाधन की कमी को स्वीकार करते हुए भंडारी ने कहा कि यह समस्या सरकार के ध्यान में है इसलिए आउटसोर्सिंग के जरिए इस कमी की पूर्ति की जाएगी।
जैसलमेर में सेवाओं में सुधार
इस अवसर पर उपस्थित बीएसएनएल के जिला दूरसंचार अभियंता आरसी व्यास ने बताया कि जैसलमेर में ब्रॉडबैंड सेवाओं में खासा सुधार किया गया है। उपभोक्ताओं को सबसे तेज गति से इंटरनेट सुविधा सुलभ करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जिनके कनेक्षन में वांछित गति नहीं आ रही है, वे उनसे सीधा सम्पर्क कर सकते हैं। व्यास के अनुसार जैसलमेर के सोनार दुर्ग समेत चुनिंदा पर्यटन महत्व वाले स्थानों को वाई-फाई जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है।