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उत्तराखंड हादसा: जैसलमेर के एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, लापता मां-बेटी के भी शव मिले

उत्तराखंड के देवप्रयाग में 2 जून को अलकनंदा नदी में गिरी कार हादसे में लापता जैसलमेर की मां-बेटी के शव छह दिन बाद हरिद्वार क्षेत्र में बरामद हुए। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या छह हो गई। एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत से जैसलमेर में शोक की लहर है।

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Devprayag car accident Uttarakhand

गंगा नदी में लापता लोगों की तलाश के दौरान की तस्वीर (पत्रिका फोटो)

जैसलमेर: ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछली 2 जून को जैसलमेर जिले के निवासियों के साथ हुए दर्दनाक हादसे में लापता मां और बेटी के शव सोमवार को बरामद कर लिए गए हैं। हादसे में जैसलमेर निवासी एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हुई है और वाहन चालक भी काल का ग्रास बना। लापता चल रही गुड्डी देवी और उनकी बेटी नम्रता के शव सोमवार को बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को परिजनों को सौंप दिया है।

गौरतलब है कि यह दुर्घटना गत 2 जून को सुबह करीब 10 बजे देवप्रयाग से लगभग 5 किलोमीटर आगे ऋषिकेश की ओर चकासा स्थित होटल के पास हुई थी। हरिद्वार नंबर की कार अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिरकर गंगा नदी में समा गई थी।

कार में ये लोग थे सवार

कार में बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर लौट रहे जैसलमेर के एक ही परिवार के 7 यात्री और चालक सवार थे। हादसे के दिन ही जैसलमेर निवासी डॉ. दिनेश पंवार (27), कमला देवी (62), अश्लेषा (22) और हरिद्वार निवासी चालक अमित गुप्ता (32) के शव बरामद कर लिए गए थे। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय आयुष्मान को रेस्क्यू किया गया था, जिसका उपचार चल रहा है।

हादसे के बाद से टीमें तलाश रही थी

दुर्घटना के बाद से जैसलमेर निवासी गुड्डी देवी (40), उनकी बेटी ज्योत्सना (15) और नम्रता (20) लापता चल रही थीं। इनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ गंगा में लगातार डीप डाइविंग के माध्यम से सर्च अभियान चला रही थी। बीते रविवार को एसडीआरएफ टीम ने लापता ज्योत्सना के शव को देवप्रयाग से 15 किलोमीटर दूर व्यास घाट से बरामद किया था।

सोमवार को गुड्डी देवी का शव व्यास घाट से और नम्रता का शव एक होटल के पास से बरामद कर लिया गया। दोनों शवों को तलाशी अभियान के दौरान गंगा से निकाला गया है और उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

आज होगा अंतिम संस्कार

ऋषिकेश में हुए एक दुखद हादसे में जान गंवाने वाले (ड्राइवर समेत) सात लोगों में से अंतिम दो मृतकों (मां-बेटी) के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। आज हरिद्वार में दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले मिले अन्य मृतकों का अंतिम संस्कार भी हरिद्वार में ही संपन्न हुआ था।

इस भीषण दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक 12 वर्षीय बच्चे का इलाज फिलहाल एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। जहां उसकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। पूरा परिवार और क्षेत्र इस समय गहरे शोक में डूबा हुआ है।