
फतेहगढ़ क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क बन रही वाहन चालकों पर राहगीरों के लिए परेशानी।
जैसलमेर/फतेहगढ़/रामगढ़. सरहदी जिले में पंचायत चुनाव की आहट के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं पर फिर सवाल उठने लगे है। सात साल बाद चुनावी माहौल बन रहा है, लेकिन कई गांवों में पेयजल, सड़क, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन से जुड़ी समस्याएं अब भी बरकरार हैं। फतेहगढ़ उपखंड के भीयासर की ढाणियों से लेकर छायण प्रथम ग्राम पंचायत के गोविन्द सिंह पुरा तक पेयजल व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार कहीं पाइपलाइन बिछाने और जल संग्रहण ढांचा तैयार करने के बावजूद पानी नहीं पहुंचा, तो कहीं सड़क और सफाई की समस्या रोजमर्रा की परेशानी बनी हुई है। भीयासर गांव की सऊओं की ढाणी, खोथों की ढाणी, सोढों की ढाणी और जाखड़ों की ढाणी में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत करीब पांच वर्ष पहले पाइपलाइन बिछाई गई थी। पानी की आपूर्ति के लिए करीब चार वर्ष पहले हौद और बूस्टर पंप रखने के लिए पंप हाउस भी बनाया गया, लेकिन बूस्टर पंप सेट नहीं लगने से कई ढाणियों तक पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार महंगे दामों पर टैंकर मंगवाकर पेयजल की जरूरत पूरी कर रहे हैं।
छायण प्रथम ग्राम पंचायत के राजस्व गांव गोविन्द सिंह पुरा में भी पेयजल आपूर्ति नहीं होने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाई गई, जीएलआर बनाया गया और सोलर पैनल भी स्थापित किया गया, लेकिन टंकी खाली है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन कई जगह क्षतिग्रस्त है और योजना को कागजों में चालू दर्शाया गया है। उनका कहना है कि पहले जलदाय विभाग से पानी मिलता था, लेकिन नई योजना शुरू होने के बाद पुरानी आपूर्ति बंद हो गई। दोनों व्यवस्थाओं के बीच तालमेल की कमी का खमियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।
फतेहगढ़–डांगरी सड़क पर गहरे गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित होने की शिकायत है। ग्रामीणों के अनुसार, मरम्मत की मांग कई बार उठाई गई, लेकिन समस्या बनी हुई है। फतेहगढ़ के मुख्य बस स्टैंड पर कचरा, कीचड़ और निराश्रित पशुओं के जमावड़े से यात्रियों को परेशानी होती है। ग्रामीण नियमित सफाई और पशुओं के प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।
रामगढ़ क्षेत्र के राघवा, सेउवा, रायमला, साधना, नेतसी, एकलपार, तनोट, रणाऊ, बांधा और खुईयाला सहित अन्य गांवों में भी ग्रामीण सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं को लेकर समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि चुनावी वादों से आगे बढ़कर समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण हो। पेयजल योजनाओं की वास्तविक स्थिति, बंद पड़ी आपूर्ति और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की जांच कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना संबंधित विभागों के सामने अहम चुनौती है।
Updated on:
13 Oct 2026 08:46 pm
Published on:
13 Oct 2026 08:46 pm
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