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Rajasthan: 300 गांव-कस्बों पर मंडराया बड़ा खतरा, नर्मदा प्रोजेक्ट ठप होने का डर, बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी

Narmada Project: जालोर में 300 गांव-कस्बों की पानी सप्लाई पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। 82 लाख रुपए का बिजली बिल जमा नहीं हुआ तो नर्मदा एफआर प्रोजेक्ट का कनेक्शन कट सकता है।

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जालोर

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Rakesh Mishra

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खुशालसिंह भाटी

Mar 26, 2026

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नर्मदा परियोजना मुख्य केनाल। फोटो- पत्रिका

जालोर। नर्मदा परियोजना एफआर प्रोजेक्ट के डेडिकेटेड विद्युत कनेक्शन के बकाया भारी भरकम बिजली बिल को जमा करने के लिए जोधपुर विद्युत वितरण निगम भादरुणा के सहायक अभियंता ने अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि डिस्कॉम का 82 लाख रुपए का बकाया आगामी 3 दिन में जमा नहीं कराया गया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा।

यह स्थिति 2 अप्रेल से प्रभावी हो रहे नर्मदा परियोजना क्लोजर के दौरान जल संकट का कारण बन सकती है। दरअसल, भादरुणा डिस्कॉम से ही एफआर प्रोजेक्ट के तैतरोल प्लांट का बिजली कनेक्शन है। इस बिजली कनेक्शन का 82 लाख 14 हजार 511 रुपए बकाया है। बकाया राशि जमा कराने को लेकर डिस्कॉम भादरुणा की ओर से अधिशासी अभियंता पीएचईडी प्रोजेक्ट प्रथम सांचौर को पत्र लिखा गया, लेकिन राशि जमा नहीं हुई। इस पर 25 मार्च को डिस्कॉम की ओर से अल्टीमेटम लेटर जारी करते हुए 3 दिन के भीतर यह राशि जमा कराने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई है।

कुल राजस्व का 45 फीसदी बिल

जारी नोटिस में बताया गया है कि एफआर प्रोजेक्ट के तैतरोल प्लांट का 82 लाख रुपए का बकाया बिल भादरुणा सब डिविजन की राजस्व वसूली का 45 प्रतिशत है। यहां का कुल राजस्व करीब 1.60 करोड़ रुपए है।

पूरे सिस्टम का जिम्मा तैतरोल पर

जालोर शहर समेत 300 गांव-कस्बों तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति का दारोमदार नर्मदा एफआर प्रोजेक्ट पर है। तैतरोल पर स्थापित प्रोजेक्ट में स्टॉक टैंक, फिल्टर प्लांट और पंपिंग स्टेशन है, जिसकी विद्युत सप्लाई भादरुणा जीएसएस से ही होती है। तैतरोल प्लांट पर बिजली का कनेक्शन कटने का परिणाम पूरे प्रोजेक्ट के ठप होने के रूप में सामने आ सकता है।

दो उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर और सिस्टम

तैतरोल में डेडिकेटेड फीडर है। यहां भादरुणा से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है। अलग से जीएसएस स्थापित होने के साथ यहां एक एचटी और एक एलटी ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं।

सिस्टम को इस तरह से समझिए

मुख्य केनाल से तैतरोल स्थित पंपिंग स्टेशन तक पानी पहुंचता है। यहां वर्तमान में आरडब्ल्यूआर में पंप चलाकर पानी भरा जा रहा है। यह स्टॉक टैंक वर्तमान में करीब 1 मीटर तक खाली है। तैतरोल में फिल्टर प्लांट स्थापित है। पानी को शुद्ध करने के बाद यहां से करीब 80 से 90 लाख लीटर शुद्ध पानी की पंपिंग की जाती है। यह पूरा सिस्टम बिजली आधारित है। बिजली कनेक्शन कटने का सीधा असर जालोर शहर समेत 300 गांव-कस्बों में जल संकट के रूप में देखने को मिलेगा।

इन्होंने कहा

तैतरोल प्लांट के बकाया बिजली बिल की वसूली को लेकर पीएचईडी को नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान में 82 लाख रुपए से अधिक बकाया है।

  • मांगीलाल, सहायक अभियंता, डिस्कॉम भादरुणा

10 दिन पहले ही बकाया बिल भरने के लिए ट्रेजरी को भेजा गया था। वहां से बिल को रिवर्ट कर दिया गया था। बकाया भुगतान के लिए पुन: बिल ट्रेजरी को भेजा गया है।

  • विपुल कुमार, सहायक अभियंता, एफआर प्रोजेक्ट