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Rajasthan Expressway: राजस्थान में भारतमाला एक्सप्रेस-वे को लेकर चौंकाने वाली खबर, हादसों की असली वजह आई सामने

राजस्थान में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते हादसों के पीछे की असली वजह अब सामने आई है। सांगाणा टोल प्लाजा के दोनों ओर बने अनधिकृत ढाबे और खड़े ट्रक सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।

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Rajasthan Expressway

भारतमाला एक्सप्रेस-वे से निकलते वाहन। फोटो- पत्रिका

जीवाणा। भारतमाला एक्सप्रेस-वे के सांगाणा टोल प्लाजा के दोनों ओर बेतरतीब तरीके से बने अनधिकृत ढाबे हादसों का कारण बन रहे हैं। एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा सीमा के भीतर चल रहे ये ढाबे न केवल नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि रोजाना सफर करने वालों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।

राजस्थान पत्रिका ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार आवाज उठाई है, लेकिन प्रशासनिक तंत्र और पेट्रोलियम टीम अब तक आंखें मूंदे बैठी है। भारतमाला एक्सप्रेस-वे की डिजाइन के अनुसार टोल सीमा के 500 मीटर तक किसी भी प्रकार के व्यावसायिक निर्माण या ठहराव की अनुमति नहीं है।

इसके बावजूद सांगाणा टोल के दोनों तरफ कई ढाबे व ठेले खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश ढाबों ने न केवल पक्के निर्माण कर लिए हैं, बल्कि कई जगहों पर बड़े-बड़े ट्रक व कारें दिनभर खड़ी रहती हैं। इससे सड़क किनारे जाम जैसी स्थिति बन जाती है और एक्सप्रेस-वे की गति व सुरक्षा दोनों प्रभावित होती है।

हादसों का बढ़ता ग्राफ

स्थानीय लोगों के अनुसार इन अनधिकृत ढाबों के चलते एक्सप्रेस-वे पर हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। ट्रक चालकों द्वारा अचानक सड़क किनारे वाहन रोकने या यू-टर्न लेने से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। बीते कुछ महीनों में ही कई ऐसे हादसे हुए हैं।

पेट्रोलियम टीम व प्रशासन की चुप्पी

स्थानीय लोगों ने कई बार जिला प्रशासन और टोल प्रबंधन को शिकायतें भेजीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पेट्रोलियम टीम, जिसे इन ढाबों पर गैस सिलेंडर और ईंधन के उपयोग की निगरानी करनी चाहिए, वह भी अनदेखी कर रही है। एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने वाले विभागों की निष्क्रियता के कारण स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।

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जान जोखिम में डालकर गुजरते वाहन

ढाबों के बाहर खड़े ट्रकों की लंबी कतार के कारण तेज गति से आने वाले वाहन अचानक सामने आकर टकरा जाते हैं। कई बार तो यात्रियों को जान बचाने के लिए गाड़ी मोड़नी पड़ती है, जिससे पीछे चल रहे वाहन भिड़ जाते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ढाबों के संचालकों ने सड़क किनारे तंबू लगा लिए हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई घट गई है।