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33 घंटे में आहोर-जालोर में 6 इंच बारिश, सुकड़ी नदी में आया पानी, जवाई का गेज हुआ इतना

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जालोर

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Dharmendra Ramawat

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Updated: 17 Aug 2019, 11:23 AM IST

Raining in Jalore

सुकड़ी नदी में आया पानी

जालोर. जिले भर में काफी इंतजार के बाद गुरुवार से इंद्रदेव मेहरबान हुए। गुरुवार सुबह 8 बजे से शुक्रवार शाम पांच बजे तक 33 घंटों में जिले में सर्वाधिक आहोर में 150 एमएम व जालोर में 144 एमएम बारिश दर्ज की गई। गुरुवार सुबह से ही जिले के विभिन्न अंचलों में रिमझिम और तेज बारिश हुई जो अगले शुक्रवार तक भी जारी रही। जिला मुख्यालय पर भी शुक्रवार तक रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते सड़कों और चौराहों पर पूरे वेग के साथ पानी चला। वहीं निचले इलाकों में पानी भर गया। बारिश के बाद शहर के सुंदेलाव तालाब में भी पानी की अच्छी खासी आवक हुई। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अभी भी जिले में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है। जिले में सबसे कम बागोड़ा उपखण्ड में पिछले 33 घंटे में सबसे कम 33 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सायला में 60, भीनमाल में 50, जसवंतपुरा में 108, रानीवाड़ा में 80, सांचौर में 58 व चितलवाना में 58 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसी तरह शनिवार सवेरे भी गढ़वाड़ा और कुलथाना नदी में पानी की अधिक आवक के चलते जोधपुर-जालोर मार्ग बंद रहा। ऐसे रोडवेज समेत अन्य वाहन पाली से होकर जालोर पहुंचे।

जवाई का गेज हुआ इतना
इसी तरह जवाई बांध के आस पास के इलाकों में अच्छी बारिश के चलते शनिवार सुबह 9 बजे तक जवाई बांध का गेज 30.70 फीट दर्ज किया गया। वहीं अभी भी बांध में पानी की आवक जारी है।
भीनमाल. शहर सहित क्षेत्र में गुरुवार मध्यरात्रि से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार दोपहर तक जारी रहा। हवा के साथ कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हुई। आसमान में दिनभर काली घटाएं उमड़ती रही। बारिश से शहर की सड़कें ताल-तलैया बन गई। सड़कों पर तेजवेग के साथ पानी का बहाव हुआ। कई सरकारी परिसर पानी से जलमग्न हो गए। शहर की सड़कों पर जगह-जगह कीचड़ पसर गया। जिससे राहगीरों व दुपहिया वाहन चालकों को गुजरने में काफी परेशानी हुई। तहसील कार्यलय पर सुबह आठ बजे तक 23 एमएम बारिश दर्ज हुई। अगस्त माह में मानूसन की अच्छी बारिश होने से क्षेत्र में किसानों के चेहरे पर खुशी है। खेतों में बोई खरीफ की फसल भी लहलहा रही है। किसानों का कहना है कि फसलों की निराई-गुड़ाई के बाद बारिश होने से फसलों को फायदा होगा।
सुकड़ी नदी में पानी की आवक, मार्ग बंद
भाद्राजून. कस्बे समेत आसपास के गांवों में गुरूवार रात से बारिश होने से तालाबों, खेतों व बावडिय़ों समेत अन्य जलस्रोत लबालब भर गए। वहीं कुलथाना के समीप सुकड़ी नदी में लगातार पानी की आवक के चलते जोधपुर-जालोर मार्ग बंद रहा। इस दौरान रोडवेज बसों का संचालन भी नहीं हो पाया। जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
सियाणा. कस्बे समेत आस-पास के गांवों में गुरूवार से शुरू हुई बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। ऐसे में विरोली नाला, खारी नदी व चांदना-सियाणा के बीच स्थित सूकड़ी नदी में भी पानी आने से ग्रामीण व किसान खुश नजर आए। किसान मनोहरसिंह ने बताया कि दो दिन से रिमझिम व बूंदाबांदी से नदी-नालों थोड़ा बहुत पानी आया, लेकिन पहली बार नदी में पानी आने से लोगों में खुशी है। चांदना के मिठावा मार्ग पर नदी में पानी आने पर कई ग्रामीण देखने पहुंचे। सियाणा-चांदना नदी देखने के लिए कोलरी मार्ग पर लोगों की भीड़ उमड़ी। कइ लोग नदी किनारे सेल्फी लेते भी नजर आए। इधर, विरोली नाले में ज्यों ही रात को पानी की आवक हुई तो वहां कुछ पिल्ले फंस गए। जिन्हें तब ग्रामीण चेलाराम सरगरा व अन्य ने बाहर निकाला। बारिश के चलते सियाणा व चांदना तालाब में अच्छी पानी की आवक हुई।