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संकट टला: मार्च में नहीं होगा क्लोजर, सिंचाई और पेयजल के लिए पूरे महीने मिलेगा पानी

Rajasthan News : नर्मदा परियोजना में फिलहाल क्लोजर टल गया है। हैवी मशीनरी को थराद (गुजरात) में मुख्य केनाल के ऊपर से क्रॉस करवाने के लिए टेंप्रेरी ब्रिज केनाल में बनाने के लिए यह क्लोजर एजेंसी ने मांगा था।

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Rajasthan News : नर्मदा परियोजना में फिलहाल क्लोजर टल गया है। हैवी मशीनरी को थराद (गुजरात) में मुख्य केनाल के ऊपर से क्रॉस करवाने के लिए टेंप्रेरी ब्रिज केनाल में बनाने के लिए यह क्लोजर एजेंसी ने मांगा था। जिस पर चीफ इंजीनियर जल संसाधन विभाग जोधपुर ने यह क्लोजर जारी कर दिया था। आदेशों के तहत 1 मार्च से क्लोजर प्रभावी होने वाला था, लेकिन इस संबंध में 28 फरवरी को स्थानीय किसानों और अधिकारियों को संभावित हालातों की जानकारी मिली। किसानों का कहना था कि खेतों में फसलें खड़ी है और सिंचाई का समय है। 1 से 15 मार्च तक क्लोजर की स्थिति में सिंचाई को पानी नहीं मिलने से फसलें चौपट हो जाएंगी। शिकायत पर नर्मदा सिंचाई परियोजना के अधिकारी ने जिला कलक्टर और मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग को हालात से अवगत करवाया। किसान हित को देखते हुए क्लोजर को फिलहाल निरस्त कर दिया गया है।

अभी इतना पानी छोड़ रहे
नर्मदा परियोजना से फरवरी माह में 1400 क्यूसेक पानी राजस्थान के लिए छोड़ा जा रहा था। अब फसलें पकने की स्थिति में है और पेयजल के लिए भी पानी की डिमांड कम है तो पानी की मात्रा को घटाने की मांग भी स्थानीय स्तर पर की गई। ताकि गर्मी की सीजन में अधिक पानी की जरुरत होने पर पानी की मात्रा बढ़ाई जा सके। वर्तमान में 500 क्यूसेक कैनाल में बह रहा है।

अप्रेल में और घटाएंगे मात्रा
अप्रेल माह में सिंचाई के लिए पानी की जरुरत लगभग नहीं के बराबर ही रहेगी। इस स्थिति में पेयजल स्कीम और पेयजल प्लान के लिए ही पानी की जरुरत रहेगी। अप्रेल माह में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।

मई-जून में संभव क्लोजर
मरम्मत और रखरखाव समेत अन्य कार्यों के लिए नर्मदा मुख्य केनाल में मई या जून में क्लोजर लिया जाएगा। हालांकि अभी क्लोजर को लेकर कोई तारीख तय नहीं की गई है।

इनका कहना
गुजरात से राजस्थान की तरफ हैवी मशीनरी पहुंचने वाली थी। अपने पुल के ऊपर से इस मशीनरी को निकालना संभव नहीं है। इसी कारण से क्लोजर लेकर मिट्टी और लोहे से केनाल के ऊपर अस्थायी पुल बनाकर वे मशीनरी निकालना चाह रहे थे। इसी के लिए क्लोजर लिया गया था, लेकिन अभी इसे रद्द करवा दिया गया है।
- श्रीफल मीणा, एसई, नर्मदा सिंचाई परियोजना

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