
कभी घूमने से भी कतराते थे, अब हजारों करोड़ के निवेश को बेताब
श्रीनगर। अनुच्छेद 370 के प्रतिबंधों और आतंकवाद के चलते जिस जम्मू-कश्मीर में उद्योगपति घूमने से भी कतराते थे, वहीं अब बड़े पैमाने पर निवेश में उत्सुकता दिखा रहे हैं। यह हालात बदले हैं अनुच्छेद 370 की समाप्ति से। केन्द्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा उद्योगपतियों को निवेश के लिए बेहतर माहौल और सुविधाओं का आश्वासन मिलने के बाद देश-विदेश की बड़ी कम्पनियां निवेश की इच्छुक दिखाई दे रही हैं। इससे जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने के आसार हैं।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने दिए प्रस्ताव
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद बदले हालात में राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कम्पनियां निवेश में रूचि ले रही हैं। डालमिया भारत समूह, सिंगापुर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और दुबई स्थित लुलु इंटरनेशनल उन 40 कंपनियों में से हैं, जिन्होंने निवेश करने में रुचि दिखाई है। हेलमेट बनाने वाली कंपनी स्टीलबर्ड ने भी जम्मू-कश्मीर में एक इकाई स्थापित करने की पेशकश की है। हॉस्पिटैलिटी प्लेयर लेमन ट्री ने गुलमर्ग और सोनमर्ग क्षेत्रों में 35-40 बेड के साथ दो नए गुणों का प्रस्ताव दिया है।
3 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले
अब तक ४० से अधिक कंपनियां 10 क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रस्ताव दे चुकी हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक विभिन्न कंपनियों से अब तक कुल 3000 हजार करोड़ के 60 प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनमें पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव शामिल हैं। इन प्रस्तावों की सरकारी स्तर पर समीक्षा की जा रही है। जम्मू कश्मीर , जहां कोई भी बाहरी व्यक्ति पहले से ही उद्योग स्थापित नहीं करता है, 5 अगस्त को विशेष दर्जा हटाने के बाद सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों के लिए निवेश करने के लिए कोई पाबन्दी नहीं हैं ।
विभाग कर रहा है प्रस्तावों की समीक्षा
कंपनियों की सूची में भारत और विदेशी देशों के कुछ बड़े उद्योगपति हैं, जो घाटी के आतिथ्य, पर्यटन, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, बागवानी, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में एक संभावित बाजार देख रहे हैं। जम्मू-कश्मीर औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक, रविंदर कुमार ने कहा कि इन कंपनियों द्वारा प्रस्तावों की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया गया है। "हम प्रस्तावों की समीक्षा करने जा रहे हैं और इसमें हमें 10 से 12 दिन लग सकते हैं।" "कुछ कंपनियों ने भी दो बार अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए होंगे। कुछ लोग पर्यटन बुनियादी ढांचे का निर्माण करना चाहते हैं, कुछ अपने उद्योग स्थापित करना चाहते हैं और अन्य शिक्षा क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं।"
Published on:
24 Nov 2019, 7:27 PM IST
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