
मौत की दुकान रोज खुलती और बंद होती है
जांजगीर-चांपा. जिले में आए दिन झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज से लोगों की जान जा रही है, पुलिस मामला भी दर्ज करती है, जांच का दावा करती है और पीडि़त के घर में मातम की आग ठंडी भी नहीं होने पाती की झोलाछाप डॉक्टर की दुकान फिर से सज जाती है।
इस लापरवाही के लिए जितना जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैं उतने ही जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी हैं। उनकी आंख के सामने मौत की दुकान रोज खुलती और बंद होती है, लेकिन वह लोग इस पर लगाम लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं। ऐसा ही एक मामला चांपा थाने से महज चंद कदम दूर संचालित आयुर्वेद डॉ. राधेश्याम धकाते के ताज क्लीनिक का है।
यहां चांपा के भोजपुर वार्ड 18 निवासी बंशीधर देवांगन इलाज कराने पहुंचा, लेकिन डॉक्टर धकाते ने आयुर्वेदिक इलाज की जगह उसका एलोपैथिक इलाज किया। पीडि़ता का दावा है कि उसके गलत इलाज से उसके जांघ में सडऩ पैदा हो गई, जो कि बढ़ते-बढ़ते उसके गप्तांगों तक पहुंच गई।
पीडि़त की पत्नी बृहस्पति देवांगन ने मामले की शिकायत 12 अगस्त 2017 को चांपा थाने में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाज के पर्चे व रिपोर्ट जांच के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर को दी। वहां से रिपोर्ट मिली की डॉक्टर धकाते ने जो एलोपैथिक दवा दी है वह सही दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर चांपा पुलिस ने डॉ. धकाते को क्लीनचिट दे दिया और वह फिर से अपनी दुकान धड़ल्ले से चला रहा है। क्लीनचिट देने से पहले पुलिस ने यह बिल्कुल नहीं सोचा कि आखिर एक आयुर्वेदिक डॉक्टर एलोपैथिक इलाज कैसे किया, जबकि ऐसा करना गैरकानूनी है।
डॉक्टर ने लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप
इस बारे में जब डॉ. राधेश्याम धकाते से बात किया गया तो उसने दावा किया वह एलोपैथिक इलाज नहीं करता वह एक आयुर्वेदिक डॉक्टर है और आयुर्वेदिक इलाज ही करता है। जब उससे बंंशीधर देवांगन का एलोपैथिक इलाज करने व उसके इलाज से उसके शरीर में संक्रमण फैलने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वह कहीं और से इलाज कराया होगा। उसने जो दवा दी है उसके बारे में जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भी लिखकर दे दिया है कि दवा सही थी। इससे साफ है कि डॉक्टर धकाते एलोपैथिक इलाज करता है, लेकिन उस पर रोक लगाने के बजाए उल्टा पुलिस उसे क्लीनचिट दे रही है।
-यदि ऐसा है तो इस बारे में सीएमएचओ को पत्र लिखकर जानकारी लेंगे कि आयुर्वेदिक डॉक्टर को एलोपैथिक इंजेक्शन लगाने का अधिकार है या नहीं। यदि यह नियम में नहीं होगा तो कार्यवाही की जाएगी।
-उदयन बेहार, एसडीओपी चांपा
Published on:
09 Aug 2018 01:04 pm
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