नारायणदास मानिकपुरी किसी भी जहरीले सर्प को पकडऩे के बाद घर वालों के सुपुर्द नहीं करते। वह खुद सांप को पकड़कर अपने पास रखता है और उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ देते हैं। उनका मानना है कि ग्रामीण अंचलों में अक्सर देखने को मिलता है कि यदि जहरीला सर्प मिले तो (Chhattisgarh Snakeman) उसे घर वाले मारकर जला देते हैं, जो गलत है। इसलिए वह आज तक एक भी सर्प को मारने नहीं देता।