
Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में गड़बड़ी रोकने के लिए भाजपा सरकार द्वारा खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रानिक कांटा से तौलाई के निर्देश दिए गए। सभी इलेक्ट्रानिक कांटा से तौला जा रहा है। लेकिन इसमें भी किसानों का अधिक धान तौल किया जा रहा है। माने किसान अब भी ठगी का शिकार हो रहे हैं। किसानों की इस समस्या सहित अन्य 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कृषक चेतना मंच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
Dhan Kharidi: जिले में 14 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। अभी जिले में धान खरीदी 40 प्रतिशत से अधिक नहीं हुई है। खरीदी का आधा समय बीत गया है। जिसमें किसानों का खरीदी नहीं होने का भय बना हुआ है। इसके अलावा इस साल से भाजपा सरकार द्वारा सभी खरीदी केन्द्रों में गड़बड़ी रोकने के लिए इलेक्ट्रानिक कांटा का उपयोग करने के निर्देश दिए गए है।
सभी केन्द्रों में इलेक्ट्रानिक कांटा से तौला जा रहा है। लेकिन इसमें भी गड़बड़ी थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी भी खरीदी किसानों का अधिक धान तौल किया जा रहा है। इससे किसानों की गाढ़ी कमाई में डाका डाला रहा है और देखने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में कृषक चेतना मंच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निर्धारित 40 किलो 600 ग्राम तौलने की मांग की है।
मोदी की गारंटी के तहत इलेक्ट्रानिक कांटा में धान तौलने की घोषणा की गई थी, लेकिन इसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। इसके अलावा प्रतिदिन धान खरीदी की निर्धारित सीमा को बढ़ाया जाय, खाद्य विभाग द्वारा सभी दुकानों की मशीनों को सील कर ब्लूटूथ से जोड़कर अपने पोर्टल से नियंत्रित किया जाता है, वैसे ही सभी समितियों की मशीनों का नियंत्रण किया जाए, तत्काल उठाव किया जाए शामिल है।
कृषक चेतना मंच के संयोजक संदीप तिवारी ने बताया कि जिले के अधिकांश समितियों में निर्धारित मात्रा से अधिक तौल किया जा रहा है। मंच ने इलेक्ट्रानिक कांटा तौल के लिए मुयमंत्री का आभार भी जताया है। लेकिन इलेक्ट्रानिक कांटा का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। जिले के सिल्ली में 41.500, कर्रा में 41.300, नैला में 41.500, पडरिया में 41.300, नंदेली में 41.500 सहित अन्य समिति में डेढ़ से दो किलो अधिक तौला जा रहा है। समिति प्रभारी मनमानी कर रहे हैं।
किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने सिवनी धान खरीदी केन्द्र में धरना प्रदर्शन किया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेसियों ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को झूठे वादे में गुमराह कर रही है। किसान सालभर मेहनत कर अपनी गाढ़ी कमाई को बेचने सोसायटी पहुंच रहे वहां कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बारदाना की कमी, डेढ़ से ढाई किलो तक धान की अधिक तौलाई की जा रही है, धान उठाव का समुचित व्यवस्था नहीं है।
Updated on:
18 Dec 2024, 2:36 PM IST
Published on:
18 Dec 2024, 2:35 PM IST
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