
कुछ खास है यहां का दुर्गोत्सव, सोने-चांदी व हीरे-मोती से जडि़त है मां की 45 फीट ऊंची प्रतिमा, शिवजी बने हैं सारथी, पंडाल की ये खासियत...
जांजगीर-चांपा. नैला का दुर्गोत्सव (Durga Puja ) इस वर्ष भी जिला ही नहीं प्रदेश भर में प्रसिद्धि पा रहा है। इस वर्ष यहां हीरे-मोती से जडि़त रथ में सोने-चांदी से सुसिज्जत मां दुर्गा की 45 फीट ऊंची प्रतिमा विराजित की गई है। गुजरात के अम्बे महल की तर्ज पर विशाल पंडाल बनाया गया है जिसका पल-पल बदलता कलर लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नवरात्र की शुरुआत के साथ ही यहां मां के विशाल स्वरूप को देखने के लिए प्रदेश भर से श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन के सामने श्री श्री दुर्गोत्सव द्वारा स्थापित किए जाने वाले दुर्गा प्रतिमा की प्रसिद्धि देश भर में होती है। हर साल यहां भव्य मां दुर्गा की विशेष प्रतिमा विराजित की जाती है। इसे देखने के लिए जिला और प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं।
इस वर्ष यहां सोने-चांदी और हीरे-मोती से जडि़त मां दुर्गा की करीब 45 फीट ऊंची प्रतिमा विराजित की गई है, जो हीरे-मोती से जडि़त जोड़ों के रथ पर सवार है। इसमें भगवान शिव सारथी बने हुए हैं। वहीं गुजरात शहर के अम्बे महल की तर्ज पर विशाल डोम पंडाल बनाया गया है। पंडाल की भीतर मुंबई की विशेष लाईटिंग की गई है जिससे भव्यता और बढ़ गई है
विशाल महल का पल-पल बदलेगा रंग
45 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित करने के लिए यहां विशाल डोम पंडाल बनाया गया है। जिसे गुजरात की अम्बे महल का स्वरूप दिया गया है। इसे पूरी तरह से सफेद कलर दिया गया है जिसमें विशेष तरह से लाइटिंग की गई है। जिससे हर पल इसका कलर बदलते रहता है जिससे हर बार देखने में अलग से रंग नजर आता है।
Published on:
1 Oct 2019, 6:04 PM IST
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