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Durga Puja 2019: इस वर्ष यहां हीरे-मोती व सोने-चांदी से जडि़त होंगी मां की प्रतिमा, घुड़सवारों से सजा रथ होगा आकर्षण का केंद्र

Durga Puja 2019: दुर्गा पूजा का पर्व करीब है। इसे लेकर दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने तैयारी शुरू कर दी है। बाहर से आए कारीगर मां की भव्य प्रतिमा तैयार करने में जुटे हुए हैं।
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जांजगीर चंपा

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Vasudev Yadav

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Updated: 13 Sep 2019, 1:47 PM IST

Durga Puja 2019: इस वर्ष यहां हीरे-मोती व सोने-चांदी से जडि़त होंगी मां की प्रतिमा, घुड़सवारों से सजा रथ होगा आकर्षण का केंद्र

Durga Puja 2019: इस वर्ष यहां हीरे-मोती व सोने-चांदी से जडि़त होंगी मां की प्रतिमा, घुड़सवारों से सजा रथ होगा आकर्षण का केंद्र

जांजगीर-चांपा. हर वर्ष की तरह नैला की दुर्गा प्रतिमा फिर प्रदेश व देश स्तर में आकर्षण का केंद्र होगा। इसके लिए 100 फीट आकर्षक पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें 50 फीट चौड़ी, 40 फीट ऊंची हीरे मोती व सोने चांदी से जडि़त प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पंडाल व मूर्ति की स्थापना के लिए कोलकाता एवं रायगढ़ के कारीगर जुट गए हैं। नैला स्टेशन की मां दुर्गा की मूर्ति हर साल अपने आप में काबिले तारीफ होती है। चाहे हीरे-मोती की प्रतिमा हो या सोने चांदी के सिक्के के।

इस बार और आकर्षक प्रतिमा बनाने के साथ-साथ सुख समृद्धि वैभव का प्रतीक सूरत गुजरात के प्रसिद्ध मां अंबा देवी की मंदिर का 100 फीट लंबा और 80 फीट ऊंचा भव्य प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है। इसके अंदर हीरे-मोती से जड़ी मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा सारथी के रूप में विराजमान भगवान शंकर भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगा। नवरात्रि का पर्व को अब केवल पखवाड़े भर शेष है। 10 दिनों के बीच कारीगरों को पंडाल निर्माण का अल्टीमेटम दिया गया है।

गौरतलब है कि नैला की मूर्ति व पंडाल प्रदेश के अलावा समूचे देश में चर्चित है। करोड़ों की लागत से मूर्ति व पंडाल को प्रदेश के अलावा देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं समिति के कार्यकर्ताओं की हसरत रहती है वे हर साल नया ऐसा कुछ करें ताकि उनकी मेहनत समूचे देश में आकर्षण का केंद्र हो।

10 हजार लोग करते हैं दर्शन
बताया जा रहा है कि शुरू से अंत तक मां की मूर्ति का हर रोज 10 हजार लोग दर्शन करते हैं। ट्रेनों से यात्रा कर कई लोग यहां पहुंचते हैं। आखिरी दिन तकरीबन 20 हजार श्रद्धालुओं को खीर पूड़ी का प्रसाद वितरण किया जाता है। वहीं हर रोज हजारों लोगों की भीड़ लगी रहती है। मूर्ति को देखने आसपास के गांवों के लोग हजारों की तादाद में नैला के दुर्गा पंडाल पहुंचते हैं।

मुंबई की लाइटिंग होगा आकर्षण का केंद्र
नैला के दुर्गा पंडाल में सबसे बड़ी विशेषता उसकी लाइटिंग होती है। मुंबई के कारीगरों द्वारा लगाई गई लाइटिंग से पूरा पंडाल गंूज उठता है। रंग-बिरंगे लाइट व गाने के साथ कलरफुल लाइटिंग को देखने हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां आने के बाद श्रद्धालु जाने का नाम नहीं लेते, क्योंकि मां की भव्य मूर्ति को लोग देखते ही रह जाते हैं।

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