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जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ सरकार ने 31 अगस्त को एक बड़ी बैठक बुलाकर फैसला लिया है कि वह 2016-17 का किसानों को धान का बोनस देगी। इस आदेश के साथ ही सभी जिलों को दिए जाने वाले बोनस की राशि भी निर्धारित की गई है।
इसमें राज्य के कृषि प्रधान जिले जांजगीर-चांपा को सबसे अधिक 210 करोड़ रुपए का बोनस देने का फैसला लिया गया हैए जबकि सबसे कम बोनस बस्तर संभाग में महज 60 करोड़ ही मिलेगा। छत्तीसगढ़ के किसानों को 2016.17 का धान का बोनस धान की खरीदी के आधार पर दिया जाएगा। इस आधार पर देखा जाए तो जांजगीर-चांपा जिले में पिछले साल 7.04 लाख टन धान की खरीद की गई थी। इस लिहाज से सबसे अधिक बनोस का हकदार यही जिला है और शासन ने इस जिले के लिए बोनस की राशि 210 करोड़ रुपए देने का फैसला लिया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर महासमुंद जिला है। यहां 6.13 लाख टन धान के लिए 180 करोड़ रुपए मिलेगा। बलौदा बाज़ार धान की पैदावार और बिक्री में तीसरे नंबर रहा। यहां ें 5.55 लाख टन धान की खरीदी पर 166 करोड़ की राशि बोनस के रुप में दी जाएगी।
यह राशि जल्द ही किसानों को आवंटित की जाएगी। इसी तरह रायगढ़ जिले में 4.26 लाख टन धान की खरीदी के लिए 130 करोड़ रुपए का भुगतान होगा। राजनांदगांव जिले में 5.17 लाख टन धान के एवज में 155 करोड़ रुपए मिलेंगे। सबसे कम धान की खरीदी बस्तर संभाग में हुई थी। यहां पिछले साल केवल 2 लाख टन धान की खरीदी हुई थी इसलिए यहां 60 करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे।
बेमेतरा जिले के किसानों को 3.85 लाख टन धान के लिए 115 करोड़ रुपए की राशि मिलेगी। सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर सहित पांच जिलों में पिछले साल 5 लाख टन धान की खरीद हुई थी जिसके एवज में 150 करोड़ रुपए की राशि सरगुजा संभाग के किसानों को दी जाएगी।
Published on:
1 Sep 2017, 8:01 PM IST
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