
धान की रोपाई कर रही जशपुर की महिला मजदूर (फोटो सोर्स- AI)
Women workers killed in lightning: ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में बड़ा हादसा हो गया। यहां धान की रोपाई कर रही छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की महिला मजदूरों पर आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से दो महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक मजदूर घायल हो गए। घायलों में तीन महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद सभी घायलों को उपचार के लिए सबडेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना सुंदरगढ़ जिले के तलसरा थाना क्षेत्र के बालिशंकरा स्थित भाटीपाड़ा में हुई। जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र के बरडीह और आसपास के गांवों से महिला मजदूर धान की रोपाई के लिए ओडिशा गई थीं। मंगलवार को महिलाएं खेत में धान की रोपाई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई।
महिलाएं खेत में धान की रोपाई में जुटी थीं, तभी अचानक मौसम खराब हो गया। तेज बारिश के साथ आसमान में जोरदार गरज-चमक होने लगी। इसी दौरान खेत में आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से चंपा तिर्की (28) और सुशीला तिर्की (26) की मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए हादसे के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद मजदूरों और ग्रामीणों ने घायलों को संभाला और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
आकाशीय बिजली गिरने की घटना में 20 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं। घायलों में फूलकी बड़ा, सबा तिर्की और सरस्वती तिर्की सहित अन्य मजदूर शामिल हैं। सभी घायलों को सबडेगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, घायलों में तीन महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि तीन अन्य घायलों की स्थिति स्थिर है। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है।
जशपुर जिले के ओडिशा सीमा से लगे गांवों से बड़ी संख्या में मजदूर धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए हर साल ओडिशा जाते हैं। खासकर तुमला और तपकरा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों से मजदूर समूह बनाकर ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में काम करने पहुंचते हैं।
इन दिनों धान की रोपाई का सीजन चल रहा है। इसके चलते सीमावर्ती गांवों से रोजाना बड़ी संख्या में मजदूर ओडिशा की ओर जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मजदूरों को खेतों तक पहुंचाने के लिए रोजाना करीब 10 से 15 पिकअप वाहन सीमावर्ती गांवों से ओडिशा की ओर जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कई मजदूर समूह बनाकर पिकअप वाहनों से सुबह ओडिशा जाते हैं और दिनभर खेतों में काम करने के बाद वापस अपने गांव लौटते हैं। धान की रोपाई के सीजन में सीमावर्ती क्षेत्रों से मजदूरों की ओडिशा आवाजाही बढ़ जाती है। हालांकि, बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए आकाशीय बिजली का खतरा बना रहता है। मौसम अचानक खराब होने पर खुले खेतों में काम करना जोखिम भरा हो सकता है। मंगलवार को हुआ यह हादसा इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाता है।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं, घायल मजदूरों के परिजन भी अस्पताल पहुंच रहे हैं और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं। फिलहाल सभी घायलों का उपचार जारी है।
बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने की स्थिति में खेत से सुरक्षित स्थान पर जाना और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है।
Updated on:
12 Aug 2026 07:26 pm
Published on:
12 Aug 2026 07:24 pm
